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दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में “जल जीवन हरियाली दिवस” पर बड़ी पहल

दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में “जल जीवन हरियाली दिवस” पर बड़ी पहल
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Darbhanga News: मंगलवार को दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में “जल जीवन हरियाली दिवस” ​​कार्यक्रम के अंतर्गत “ सार्वजनिक जल-संरचनाओं का जीर्णोद्धार: चुनौतियाँ एवं अवसर ” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कॉलेज में खास कार्यशाला

कार्यक्रम का शुभारंभ पौधों को जल अर्पित करके पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ हुआ। लघु जल संसाधन विभाग की सहायक अभियंता सुश्री मीनाक्षी भारती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रधानाध्यापक डॉ. चंदन कुमार ने मुख्य अतिथि का शॉल भेंट करके स्वागत किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आई.सी. ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि उपेक्षित, प्रदूषित और अतिक्रमण के कारण तालाबों, कुओं और आहार-पाइन जैसे पारंपरिक जल स्रोत अस्तित्व के संकट का सामना कर रहे हैं।

जल संरक्षण पर बड़ी चर्चा

उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार मात्र मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उनके संरक्षण, पुनर्भरण और सतत उपयोग को सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। जल मात्र एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। मुख्य अतिथि सुश्री मीनाक्षी भारती ने अपने संबोधन में कहा कि सार्वजनिक जल संरचनाओं पर बढ़ता अतिक्रमण एक गंभीर चिंता का विषय है और सरकार चरणबद्ध तरीके से उन्हें हटाकर उनका पुनरुद्धार कर रही है।

उन्होंने नए जल स्रोतों के निर्माण, जल अधिशेष क्षेत्रों से जल-कमी वाले क्षेत्रों में जल स्थानांतरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। अपने संबोधन में प्रधानाचार्य डॉ. चंदन कुमार ने प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर चिंता व्यक्त की और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।

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उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। डीन डॉ. शशि भूषण ने छात्रों को प्राकृतिक संसाधनों के प्रति संवेदनशील रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

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अंत में, डॉ. आई.सी. ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट करके कार्यशाला का सफल समापन हुआ। ईईई विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनामिका, प्रोफेसर अंकेश कुमार, प्रोफेसर अमित और अन्य प्रोफेसरों तथा संस्थान के सैकड़ों छात्रों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।

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