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NITI Aayog Meeting 2026: नीति आयोग की अहम बैठक में शामिल हुए हेमंत सोरेन

NITI Aayog Meeting 2026: Hemant Soren attends key NITI Aayog meeting.
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NITI Aayog Meeting 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक शुरू हुई। इस अहम बैठक में अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक का मकसद देश का सर्वांगीण विकास करना और 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करना था। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे और परिषद की कार्यवाही में हिस्सा लिया। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और विकास के लिए नई रणनीतियां बनाने के लिहाज से इस बैठक को अहम माना जा रहा है।

NITI Aayog Meeting 2026: रांची मेट्रो परियोजना की मांग उठा सकते हैं हेमंत सोरेन

झारखंड में होने वाली बैठक से भी काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने राज्य में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट शुरू करने का मुद्दा उठा सकते हैं। तेजी से बढ़ती आबादी और ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते दबाव को देखते हुए, रांची समेत झारखंड के कई बड़े शहरों में मेट्रो रेल सेवा की लंबे समय से मांग रही है। इस लिहाज से, नीति आयोग की बैठक राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास प्रोजेक्ट्स के लिए अहम साबित हो सकती है।

पीएम मोदी ने साझा की बैठक की जानकारी

बैठक शुरू होने से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सहकारी संघवाद की भावना के साथ, केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर भारत की विकास यात्रा को नई गति देने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों से ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

समावेशी मानव विकास पर विशेष जोर

आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस वर्ष की बैठक में ‘समावेशी मानव विकास ढांचा’ (Inclusive Human Development Framework) पर विशेष चर्चा की जा रही है।

बैठक में चार मुख्य विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है—

  • बुनियादी मानव पूंजी और भविष्य के लिए ज़रूरी कौशल का विकास
  • उत्पादक रोज़गार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास
  • स्वास्थ्य, पोषण और सर्वांगीण कल्याण
  • सभी नागरिकों के लिए समानता और सम्मान सुनिश्चित करना

इन मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल बेहतर बनाने की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

रोजगार और कौशल विकास पर होगा मंथन

बैठक के दौरान युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा करने, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने और कौशल विकास कार्यक्रमों को मज़बूत करने पर भी चर्चा हो रही है। सरकार का लक्ष्य राज्यों के साथ मिलकर रोज़गार सृजन की प्रक्रिया को तेज़ करना है, ताकि ‘विकसित भारत’ के विज़न को और मज़बूत किया जा सके।

मुख्य सचिवों के सम्मेलन की सिफारिशों पर भी चर्चा

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल, 26 से 28 दिसंबर, 2025 तक आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। गौरतलब है कि नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक हर साल होती है; पिछली बैठक 24 मई, 2025 को हुई थी। आने वाली बैठक ‘विकसित भारत 2047’ के रोडमैप और राज्यों की भागीदारी के लिहाज से खास अहमियत रखती है।

देश के विकास एजेंडा, रोज़गार, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण जैसे अहम मुद्दों पर यह चर्चा आने वाले वर्षों की नीतियों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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