Land For Job Scam: RJD सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के परिवार को नौकरी के बदले ज़मीन घोटाले में बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव समेत 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। आरोप तय होने के बाद बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी (Sanjay Saraogi) ने कहा कि कोर्ट ने आज साबित कर दिया है कि ‘नौकरी के बदले ज़मीन’ मामला कोई राजनीतिक आरोप नहीं, बल्कि ठोस सबूतों का मामला है।
RJD परिवार ने सत्ता को निजी संपत्ति समझा- संजय सरावगी
उन्होंने आगे कहा कि लालू यादव के अपराधों की एक लंबी लिस्ट है। इस परिवार ने नौकरी देने के बदले ज़मीनें हासिल कीं। कोर्ट ने कहा है कि यह परिवार एक आपराधिक गिरोह की तरह काम कर रहा था, और इस परिवार ने बिहार को लूटा। राजनीतिक लालू परिवार वही परिवार है जिसने सत्ता को पारिवारिक संपत्ति समझा और गरीबों की नौकरियों को सौदेबाजी का ज़रिया बनाया। RJD को नैतिकता की बात करने का कोई हक नहीं है।
यह राजनीतिक नहीं, सबूतों का मामला- संजय सरावगी
सरावगी ने कहा कि 15 साल के “जंगल राज” के दौरान बिहार में कई और घोटाले हुए, जिससे हजारों करोड़ रुपये लालू परिवार के पास गए, जिससे बिहार का विकास रुका। इन घोटालों से बिहार की बहुत बदनामी भी हुई है। लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए जो घोटाला किया, वह पूरे देश में हुआ था। इन लोगों ने बिहार में कई घोटाले किए। लालू परिवार की वजह से बिहार की बहुत बदनामी हुई। बिहार के लोग समझते हैं कि पिछले 15 सालों में बिहार में बदनामी और विकास की कमी RJD के शासन की वजह से थी।
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राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने यह भी माना कि लालू यादव का पूरा परिवार एक राजनीतिक-आपराधिक सिंडिकेट चलाता है। पूरा परिवार राजनीति को अकूत दौलत जमा करने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। इस परिवार ने बिहार के सरकारी खजाने को लूटकर अपनी दौलत बनाई है। इन्होंने बिहार के गरीब लोगों को लूटा है। बिहार के लोग अब उस भ्रष्ट पार्टी और परिवार को बर्दाश्त नहीं करेंगे जिसने “जंगल राज” कायम किया। लालू यादव पहले ही चारा घोटाले में दोषी ठहराए जा चुके हैं।













