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जहानाबाद में पॉक्सो व बाल अधिकारों पर जिला स्तरीय कार्यशाला

जहानाबाद में पॉक्सो व बाल अधिकारों पर जिला स्तरीय कार्यशाला
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Jehanabad News: ख़बर जहानाबाद से हैं जहां समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स भवन में पॉक्सो अधिनियम तथा बाल अधिकारों पर केंद्रित एक दिवसीय जिला स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित किया गया। इसका विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला में पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारियों एवं विभिन्न सरकारी हितधारकों ने भाग लिया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जहानाबाद पुलिस अधीक्षक, अपराजित लोहान ने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस पदाधिकारी पीड़ित बच्चों के साथ व्यवहार करते समय वर्दी के बजाय सामान्य कपड़ों में रहें, ताकि बच्चा भयमुक्त महसूस कर सके। यदि पुलिस के पास दस मामले आते हैं, तो उनमें से बच्चों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दें और उन पर अतिरिक्त समय लगाकर पूरी संवेदनशीलता से जांच करें।

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कई बार बच्चे अनजाने में अपराध कर बैठते हैं; ऐसे मामलों में उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित और कानूनी रूप से सही कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच के दौरान अपराधी और पीड़ित की आयु बालीग, नाबालिग का सटीक निर्धारण अत्यंत आवश्यक है।

विशेष सावधानी बरते

अपर समाहर्ता अनिल कुमार सिन्हा ने सभी हितधारकों को मामले की गंभीरता समझने और पूरी सूझबूझ के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। ​वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार पांडे ने अनुसंधान की बारीकियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कई बार लोगों को उनके विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी का पता तब चलता है जब वे चरित्र प्रमाण पत्र या नौकरी के सत्यापन के लिए आते हैं।

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उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किशोरों से जुड़े मामलों में धाराओं के चयन और उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार में विशेष सावधानी बरतें। कुल मिलाकर, पुलिस को बच्चों और उनके अधिकारो के प्रति संवेदनशील बनाने का एक उदाहरण पेश किया गया।

शंभुकांत सिन्हा

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