Darbhanga Ram Janaki Mandir: धार्मिक और सांस्कृतिक नज़रिए से बहुत अहम माने जाने वाले दरभंगा ज़िले के राघोपुर बखरी में मौजूद ऐतिहासिक श्री राम-जानकी मंदिर को लेकर एक अहम पहल सामने आई है। रामायण रिसर्च काउंसिल, दरभंगा, देश भर की विरासतों को बचाने और बढ़ावा देने के मकसद से इस 834 साल पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू कर रही है।
CM सम्राट चौधरी करेंगे शिलान्यास
इस प्रोजेक्ट के तहत, श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर से सटी लगभग 12 एकड़ ज़मीन पर एक भव्य और दिव्य शक्तिपीठ बनाने की योजना है। यह शक्तिपीठ न सिर्फ़ धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि सांस्कृतिक रिसर्च और साधना की भी एक बड़ी जगह होगी। सम्राट चौधरी 25 अप्रैल को जानकी नवमी के शुभ मौके पर इस प्रोजेक्ट का औपचारिक शिलान्यास करेंगे।
दरभंगा बनेगा आध्यात्मिक हब
काउंसिल से जुड़े स्वामी संजीव प्रकाश योगी के मुताबिक, यह पहल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत श्री जानकी रिसर्च इंस्टीट्यूट भी बनाया जाएगा, जो सीता के जीवन, आदर्शों और भारतीय संस्कृति में उनके योगदान पर रिसर्च सेंटर के तौर पर काम करेगा। प्रोजेक्ट के दूसरे फेज़ में, देश भर के 51 शक्तिपीठों से पवित्र ज्योति लाकर “महाशक्ति ज्योत” स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, जगह को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने के लिए भारत के अलग-अलग राज्यों के प्रमुख मंदिरों से मिट्टी और जल लाया जाएगा।
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खास तौर पर, इस प्लान में नल खेड़ा के बगलामुखी मंदिर से पवित्र ज्योति लाना और माता सीता को श्री भगवती के रूप में स्थापित करना शामिल है। यह पूरा प्रोजेक्ट दरभंगा को देश भर में एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का एक शक्तिशाली माध्यम भी बनेगी।















