Nalanda Police Action: बिहार के नालंदा ज़िले की पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए अपहरण के एक सनसनीखेज़ मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस ने छबीलापुर थाना क्षेत्र से अगवा किए गए आठ महीने के बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है और पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
Nalanda Police Action: पुलिस ने बच्चे को सकुशल किया बरामद
पुलिस के मुताबिक, 26 जून की रात करीब 1:00 बजे कंचनपुरा गांव के रहने वाले महेश मांझी अपने परिवार के साथ घर के बाहर सो रहे थे। उनका आठ महीने का बेटा जनसुरज मांझी भी उनके पास ही सो रहा था। जब परिवार के लोग देर रात जागे, तो बच्चा अपनी जगह पर नहीं था। बच्चे का कोई सुराग न मिलने पर महेश मांझी ने छबीलापुर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर, छबीलापुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत FIR दर्ज की गई (केस नंबर 109/26)। मामले की गंभीरता को देखते हुए, नालंदा के पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर संजीत कुमार गुप्ता की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
एक स्पेशल टीम ने तकनीकी सबूतों, स्थानीय सूचना नेटवर्क और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर कई जगहों पर छापेमारी की। जांच के दौरान, पुलिस ने अगवा किए गए शिशु जनसुरज मांझी को सफलतापूर्वक बचा लिया। इस ऑपरेशन के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
धर्मेंद्र कुमार और मिंटू देवी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कंचनपुर गाँव के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार (30) और मिंटू देवी को गिरफ़्तार किया है। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के मुताबिक, धर्मेंद्र कुमार से मिली जानकारी के आधार पर अगवा किए गए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
इस सफल ऑपरेशन में संजय कुमार (पुलिस इंस्पेक्टर, राजगीर सर्कल), रमन कुमार (SHO, राजगीर), आलोक कुमार (पुलिस इंस्पेक्टर, DIU), अनोज कुमार पाठक (SHO, छबीलापुर), उत्तम कुमार झा (सब-इंस्पेक्टर), राजेश कुमार (असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर) और छबीलापुर पुलिस स्टेशन के हथियारबंद पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई। नालंदा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। मासूम बच्चे की समय रहते सुरक्षित बरामदगी को पुलिस की सतर्कता और प्रभावी जांच का उदाहरण माना जा रहा है।
संजीव कुमार बिट्टु नालंदा
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