Bihar Monsoon 2026: बिहार में मॉनसून सक्रिय है, हालांकि, मौसम विभाग ने राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 ज़िलों के लिए आंधी-तूफ़ान, बारिश और बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया है। चार ज़िलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ और 26 ज़िलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित जगहों पर रहें और बिना ज़रूरत खुली जगहों पर जाने से बचें।
Bihar Monsoon 2026: आज इन जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को बिहार के कई ज़िलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में 40 किमी/घंटा की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में पटना, बेगूसराय, सिवान, मधेपुरा, सुपौल, गया, नालंदा, बगहा, जहानाबाद और पूर्णिया में अच्छी-खासी बारिश दर्ज की गई। वहीं, बांका, बक्सर और औरंगाबाद में बिजली गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद मौसम विभाग ने लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
3 से 6 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 3 जुलाई को पटना समेत दक्षिणी और मध्य बिहार के कई ज़िलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। वहीं, कैमूर, सासाराम और गया में भारी बारिश की संभावना है। 4 जुलाई से 6 जुलाई के बीच मुज़फ़्फ़रपुर, बगहा, मधेपुरा, सहरसा, गोपालगंज और उत्तर-पूर्वी बिहार के कई ज़िलों में भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान तेज़ हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है।
जुलाई में सामान्य से कम बारिश की आशंका
मौसम विभाग ने जुलाई के महीने को लेकर भी चिंता जताई है। विभाग का अनुमान है कि इस महीने सामान्य से कम बारिश होगी, जबकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज़्यादा रहने की संभावना है। अनुमान के मुताबिक, जुलाई में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इन हालात की वजह से उमस बढ़ सकती है और हीट स्ट्रेस (गर्मी से होने वाली परेशानी) और डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
बिहार में धान की रोपाई के लिए जुलाई का महीना बहुत अहम माना जाता है। अगर इस दौरान उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं होती है, तो किसानों को सिंचाई के लिए ज़मीन के नीचे के पानी पर ज़्यादा निर्भर रहना पड़ सकता है, जिससे खेती की लागत बढ़ सकती है। गौर करने वाली बात है कि जून में बिहार में सामान्य से 46 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। ऐसे में, जुलाई में भी कम बारिश होने की आशंका किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का कारण बन सकती है।
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