Cyber Fraud Nalanda: साइबर अपराध के खिलाफ़ एक बड़ी कार्रवाई में, नालंदा पुलिस ने कटरीसराय पुलिस स्टेशन इलाके में सक्रिय साइबर जालसाजों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और कानून के दायरे में आने वाले दो नाबालिगों को हिरासत में लिया। उनके पास से साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए गए दस स्मार्टफोन और एक ‘ऑर्डर शीट’ बरामद की गई…जिसमें तीन पन्नों पर कई लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और लोन से जुड़ी जानकारी दर्ज थी।
Cyber Fraud Nalanda: साइबर फ्रॉड करने वाला गिरोह गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को मिली गुप्त सूचना और नालंदा के पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के आधार पर, राजगीर के अनुमंडल पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एक छापेमारी की गई। यह कार्रवाई कटरीसराय थाना क्षेत्र के बरित गांव में मुंशी नदी के दक्षिण में स्थित एक बाग में की गई, जहां एक गिरोह के सदस्यों को साइबर धोखाधड़ी करते हुए पकड़ा गया। शुरुआती पूछताछ में, आरोपियों ने माना कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म, मोबाइल कॉल और दूसरे ऑनलाइन ज़रीये से लोगों को लोन दिलाने और लॉटरी जिताने का लालच देकर उनके साथ धोखाधड़ी की। पुलिस ने कटरीसराय पुलिस स्टेशन में सभी आरोपियों के ख़िलाफ़ संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बारिथ के जितेंद्र कुमार (18) और राहुल पासवान (26), बरंडी के गौरी कुमार (20) और बालचंद बिगहा के सचिन कुमार (19) शामिल हैं। इसके अलावा, कानून के साथ टकराव में शामिल दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। इस ऑपरेशन में पुलिस इंस्पेक्टर सुमंत कुमार, स्टेशन हाउस ऑफिसर धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा, सब-इंस्पेक्टर आदित्य कुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार और संजय दास के साथ-साथ मुकेश कुमार, रुदल पासवान और कटरीसराय पुलिस स्टेशन के सशस्त्र बल ने अहम भूमिका निभाई। नालंदा पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन स्कैम, धोखाधड़ी वाले कॉल और संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की अपील की है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक अकाउंट की जानकारी या कोई अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी शेयर न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
नालंदा से संजीव कुमार बिट्टु की रिपोर्ट
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