LNMU News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉक्टर नंद लाल पासवान ने अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर तीन अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन एवं धरना पर बैठे है। उन्होंने कहा कि यह कदम उनकी लाचारी है। जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर अंतिम कार्यरूप नहीं देता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
LNMU News: LNMU प्रशासन के सामने रखीं 5 बड़ी मांगें
सेवानिवृत्त प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। उनकी पहली मांग है कि समीक्षा समिति के जांच प्रतिवेदन में प्रस्तावित सेवा सामंजन की प्रभावी तिथि के आधार पर समीक्षात्मक अधिसूचना जारी की जाए।
दूसरी मांग के तहत सेवा सामंजन की प्रभावी तिथि के अनुसार बकाया राशि की गणना कर उसका मांग पत्र बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग, पटना को भेजना सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
तीसरी मांग में नियुक्ति सेल के पत्र का हवाला देते हुए 7 अगस्त 2018 के प्रस्तावित पत्रांक SC/7683/18 को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और संबंधित कार्रवाई की मांग की गई है।
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चौथी मांग में एमएलएसएम कॉलेज, दरभंगा के राजनीति विज्ञान विषय से संबंधित सरकारी अभिलेखों में कथित हेराफेरी तथा S/R रिक्त पदों से संबंधित अनियमितताओं के आरोपों की जांच कर नियुक्ति सेल के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई है।
वहीं पांचवीं मांग में क्लेम सेल संचिका संख्या 5759/26 में प्रस्तावित पुत्री के विवाह के लिए अग्रिम राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान
सेवानिवृत्त प्रोफेसर का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से सभी बिंदुओं पर शीघ्र निर्णय लेते हुए मांगों को अंतिम रूप से लागू करने की अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक उनका अनिश्चितकालीन धरना एवं अनशन जारी रहेगा।
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