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JSSC CGL Cancellation: JSSC CGL रद्द होने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे अभ्यर्थी

झारखंड सरकार के कई प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अब कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। बुधवार को झारखंड हाई कोर्ट में सरकार के इस फ़ैसले को चुनौती देते हुए तीन अलग-अलग याचिकाएँ दायर की गईं। इन याचिकाओं के ज़रिए परीक्षाएँ रद्द करने के फ़ैसले पर सवाल उठाए गए हैं और राहत की माँग की गई है।

JSSC CGL Cancellation: JSSC CGL रद्द होने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे अभ्यर्थी
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JSSC CGL Cancellation: झारखंड सरकार के कई प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अब कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। बुधवार को झारखंड हाई कोर्ट में सरकार के इस फ़ैसले को चुनौती देते हुए तीन अलग-अलग याचिकाएँ दायर की गईं। इन याचिकाओं के ज़रिए परीक्षाएँ रद्द करने के फ़ैसले पर सवाल उठाए गए हैं और राहत की माँग की गई है।

JSSC CGL Cancellation: झारखंड हाईकोर्ट में पहुंचा मामला

सीनियर वकील इंद्रजीत सिन्हा और पीयूष चित्रेश, हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं अवधेश कुमार और अन्य का पक्ष रखेंगे। हालांकि, इन याचिकाओं को अभी तक हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं किया गया है। अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि इन मामलों की सुनवाई कब शुरू होगी।

असल में, 18 अगस्त की देर रात राज्य सरकार ने झारखंड में होने वाली कई प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का फ़ैसला किया। इनमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा और JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा जैसी परीक्षाएं शामिल हैं।

अब अदालत में होगी लड़ाई

सरकार के इस फ़ैसले के बाद सफल उम्मीदवारों में असंतोष बढ़ गया है। JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर ख़ास तौर पर नाराज़गी है। अब जबकि परीक्षा की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, चुने गए उम्मीदवार आगे के कदमों को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, JSSC CGL परीक्षा के ज़रिए राज्य में 1,932 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। वहीं, JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के ज़रिए अलग-अलग पदों पर 342 अधिकारियों की नियुक्ति की गई है; इनमें से 207 अधिकारी राज्य प्रशासनिक सेवा और 35 अधिकारी राज्य पुलिस सेवा से हैं।

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सरकार के परीक्षा रद्द करने के फ़ैसले के बाद से ही उम्मीदवार लगातार अपना विरोध जता रहे हैं। अब यह पूरा मामला एक नया मोड़ ले चुका है क्योंकि यह झारखंड हाई कोर्ट पहुँच गया है। तीन याचिकाएँ दायर होने के बाद, उम्मीदवार और सरकार दोनों ही कोर्ट के रुख पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। फिलहाल, याचिकाओं को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया है। इस संदर्भ में, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई कब करता है और परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर कोर्ट क्या रुख अपनाता है।

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