JSSC CGL: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता चंपई सोरेन ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं और छात्रों के आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को नज़र अंदाज़ कर रही है और भर्ती से जुड़े मामलों में CBI जांच से बचने के लिए परीक्षाएं रद्द करने का रास्ता अपना रही है।
JSSC CGL: चंपाई सोरेन ने लाठीचार्ज पर उठाए सवाल
चंपाई सोरेन ने कहा कि झारखंड आंदोलन के बाद से यह राज्य का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन था। छात्रों की मुख्य मांगें JPSC और JSSC में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की थीं। इसके बावजूद, सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया। उन्होंने शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की और इसे तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में भर्ती प्रक्रियाएँ कई सालों से लगातार जाँच के दायरे में रही हैं। JPSC के चेयरमैन और सदस्यों के इस्तीफ़े और कुछ लोगों की गिरफ़्तारियों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी, तो ऐसे कदम क्यों उठाए गए। चंपाई सोरेन ने कहा कि JPSC एक संवैधानिक संस्था है और सरकार इसके चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति करती है। उन्होंने दावा किया कि आयोग में ज़्यादातर पद खाली पड़े हैं, जिससे भर्ती से जुड़े ज़रूरी दस्तावेज़ों और रिकॉर्ड को हासिल करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
लाठीचार्ज को बताया ‘तानाशाही’
उन्होंने परीक्षा रद्द करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, परीक्षा रद्द करने से पहले आयोग से दस्तावेज़ लिए जाते हैं, संबंधित विभाग से राय मांगी जाती है और फिर मामले को कैबिनेट के सामने रखा जाता है। उनका आरोप है कि इस मामले में तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
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JSSC-CGL परीक्षा का ज़िक्र करते हुए, चंपई सोरेन ने दावा किया कि सवाल मिलने की खबरें आई थीं और कहा कि छात्र सिर्फ़ निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर भर्ती प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां सामने आती हैं, तो पूरे सिस्टम की पारदर्शी जांच ज़रूरी है। चंपाई सोरेन ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने JPSC में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद एक SIT का गठन किया था। उन्होंने मौजूदा सरकार पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को दबाने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के साथ किया गया व्यवहार पूरे झारखंड राज्य के लिए चिंता का विषय है। भर्ती में हुई सभी अनियमितताओं की CBI जांच की मांग करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार निष्पक्ष जांच कराने में विफल रहती है, तो जनता इसका माकूल जवाब देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड को अब मौजूदा व्यवस्था से हटकर एक नए विकल्प की जरूरत है।
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