Amba Prasad News: HEC इलाके में स्थित सरकारी आवास से कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद को निकाले जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए, अंबा प्रसाद ने इसे भेदभावपूर्ण और अमानवीय करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवास खाली करने के लिए कहने से पहले उन्हें कोई नोटिस तक नहीं दिया गया।
अंबा प्रसाद ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस सरकारी आवास से उनका विशेष लगाव है और वह यहीं दिवाली मनाना चाहती हैं। इसके लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं भले ही उन्हें टेंट में ही क्यों न रहना पड़े।
Amba Prasad News: अंबा प्रसाद ने प्रशासन को दी चुनौती? बोलीं- घर नहीं छोड़ूंगी
पूर्व विधायक ने बताया कि वह इस आवास में अकेली रह रही थीं। रांची में उनका अपना कोई घर नहीं है; इसे देखते हुए उन्होंने सरकार से किराए के आधार पर एक आवास आवंटित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने इस संबंध में अपनी पार्टी को भी पत्र लिखा था। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने अचानक इस आवास को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अंबा प्रसाद ने आरोप लगाया कि राज्य के कई पूर्व विधायक अभी भी दो-दो सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए हुए हैं, फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने पूछा कि उनके मामले में ही इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई।
जिला प्रशासन पर लगाए भेदभाव के आरोप
उन्होंने बताया कि उनके भाई की शादी इसी सरकारी आवास में होनी तय थी और इसकी तैयारियां पहले से ही चल रही थीं। हालांकि, प्रशासन की कार्रवाई ने शादी की इन तैयारियों में बाधा डाल दी है। अंबा प्रसाद के अनुसार, दिवाली से ठीक पहले की गई इस कार्रवाई ने उनकी योजनाओं पर असर डाला है।
उन्होंने फिर दोहराया कि इस घर से उनका भावनात्मक लगाव है और वे किसी भी हाल में दिवाली कहीं और नहीं मनाएंगी। उन्होंने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वे घर के बाहर टेंट लगा लेंगी, लेकिन फिलहाल वे घर खाली करने को तैयार नहीं हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अंबा प्रसाद के इस विरोध पर ज़िला प्रशासन और राज्य सरकार क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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