Patna Book Fair 2025: पटना बुक फेयर 2025 में एक खास पल देखने को मिला जब मशहूर डायरेक्टर रंजन कुमार सिंह ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के पुराने PRO रंजन सिन्हा को फिल्म PR फील्ड में उनके शानदार योगदान के लिए सम्मानित किया। यह सम्मान न सिर्फ रंजन सिन्हा की प्रोफेशनल उपलब्धियों को दिखाता है बल्कि दो दशकों से उनके धैर्य, लगन और मेहनत को भी पहचानता है।
पिछले 21 सालों में, रंजन सिन्हा ने 900 से ज़्यादा फिल्मों और 5,000 से ज़्यादा गानों को प्रमोट किया है। वह सिर्फ एक PRO ही नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा के एक ब्रांड आइकॉन हैं। उनकी स्ट्रेटेजी, मीडिया नेटवर्क और क्रिएटिव प्रमोशन ने कई फिल्मों को नेशनल पहचान दिलाई है। मनोज तिवारी, रवि किशन, पवन सिंह, खेसारी लाल यादव, प्रदीप पांडे चिंटू और अक्षरा सिंह जैसे सुपरस्टार्स के साथ उनके काम ने उन्हें इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद नाम बना दिया है।
वैशाली जिले के राजापाकर ब्लॉक के एक छोटे से गांव बिरना लखन सेन से निकलकर मुंबई जैसे मशहूर शहर में अपनी जगह बनाना आसान नहीं था। रंजन सिन्हा की कहानी संघर्ष, कड़ी मेहनत और जुनून की मिसाल है। वे कहते हैं, “हर सम्मान मेरे लिए खास है; यह मुझे लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है।” भोजपुरी इंडस्ट्री में नाम बनाने के बाद, उन्होंने साउथ इंडियन और बॉलीवुड फिल्मों के प्रमोशन में भी अपनी मज़बूत पहचान बनाई है।
PRO रंजन सिन्हा सिर्फ़ फ़िल्म प्रमोशन तक ही सीमित नहीं हैं। उन्होंने बिहार सरकार के बड़े इवेंट्स—प्रकाश पर्व, पटना फ़िल्म फेस्टिवल, गांधी पैनोरमा फ़िल्म फेस्टिवल, बाबू वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव और नेशनल बॉक्सकॉन कॉन्फ्रेंस में भी अहम भूमिका निभाई। इन इवेंट्स में उनकी PR स्ट्रेटेजी ने बिहार की कल्चरल पहचान को पूरे देश में ऊंचा किया। वे डिजिटल PR को पारंपरिक पब्लिसिटी के साथ जोड़कर नए स्टैंडर्ड सेट करने में पायनियर रहे हैं।
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यह सम्मान उनकी लगातार कामयाबियों की सीरीज़ में एक और मील का पत्थर है। उन्हें पहले दादा साहेब फाल्के भोजपुरी अवॉर्ड, भोजपुरी गौरव सम्मान और इंडस्ट्री के कई दूसरे अवॉर्ड मिल चुके हैं। आज, रंजन सिन्हा भोजपुरी कंटेंट को इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल्स और बड़े OTT प्लेटफॉर्म्स पर ले जाने के मिशन पर हैं। उनका लक्ष्य रीजनल सिनेमा को ग्लोबल स्टेज पर एक मज़बूत पहचान दिलाना है।





















