Bihar Monsoon Update: बिहार में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 17 ज़िलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें भारी बारिश, 40-50 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवा चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में 29 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
Bihar Monsoon Update: पटना समेत कई जिलों में अगले 4 दिन बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मॉनसून ट्रफ़ लाइन अभी बिहार के पास से गुज़र रही है। यह ट्रफ़ राजस्थान से मध्य भारत और झारखंड होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके असर से बिहार में बारिश के लिए अनुकूल हालात बने हैं और कई ज़िलों में लगातार बारिश हो रही है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में इस मॉनसून सीज़न में अब तक 277.5 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 442.3 मिमी होनी चाहिए थी। इससे पता चलता है कि राज्य में बारिश की लगभग 37 प्रतिशत कमी है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से इस कमी को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। राज्य में 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही ठंडी पूर्वी हवाओं के कारण हवा में नमी बनी हुई है। बीच-बीच में धूप निकलने के बावजूद तापमान में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।
बिहार में 37% कम हुई बारिश
पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश पटना जिले के फुलवारीशरीफ में 53.6 मिमी दर्ज की गई. इसके अलावा, नवादा में 52 मिमी, पटना हवाई अड्डे पर 42.7 मिमी और पकरीबरावां (नवादा) में 36.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूसा (समस्तीपुर) और बोचहां (मुजफ्फरपुर) दोनों में 34.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। नालंदा, सारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, जहानाबाद और बक्सर में सामान्य बारिश हुई, जबकि गया, वैशाली, बेगुसराय, अरवल और शेखपुरा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई. राजधानी पटना में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज अस्थिर रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में बीच-बीच में बादल छाए रहेंगे और बारिश, आंधी-तूफान व बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान बिना ज़रूरत घर से बाहर न निकलें। खुले मैदानों या पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को भी सलाह दी जाती है कि वे खेतों में काम करने से पहले मौसम का पूर्वानुमान देख लें ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।
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