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शोभन–एकमी बाईपास चौड़ीकरण पर बवाल, अलाइनमेंट बदलने के आरोप, किसानों में भारी आक्रोश

शोभन–एकमी बाईपास चौड़ीकरण पर बवाल, अलाइनमेंट बदलने के आरोप, किसानों में भारी आक्रोश
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Darbhanga News: दरभंगा ज़िले के गांवों में शोभन-एकमी बाईपास सड़क को चौड़ा करने और मज़बूत बनाने को लेकर लोगों में ज़बरदस्त गुस्सा है। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन अधिग्रहण का सर्वे पूरा कर लिया है, लेकिन गांव वाले और किसान इस प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि कुछ बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए सड़क का अलाइनमेंट बदला जा रहा है।

गांव वालों का कहना है कि PWD अधिकारी शोभन चौक पर बनी इमारतों को बचाने के लिए जानबूझकर शोभन-एकमी बाईपास कॉरिडोर सड़क निर्माण का अलाइनमेंट बदल रहे हैं। पहले यह घोषणा की गई थी कि मौजूदा बाईपास सड़क को सीधा रखते हुए ही चौड़ा और मज़बूत किया जाएगा। अलाइनमेंट में बदलाव से सैकड़ों छोटे किसानों की उपजाऊ खेती की ज़मीन सड़क निर्माण में चली जाएगी।

गांव वालों के मुताबिक, सड़क की दिशा बदलने से गाड़ियों को दरभंगा और सीतामढ़ी (मकिया रोड) पहुंचने के लिए शोभन से लगभग तीन किलोमीटर दूर कांशी चौक से घूमकर जाना पड़ेगा, जिससे भारी ट्रैफिक जाम लगेगा। इसके अलावा, लगभग 200 फीट की दूरी पर दो चौराहे बनाए जाएंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाएगी। सोलिस गेट बंद होने से NH-27 के दोनों तरफ पानी भी भर सकता है, जिसका सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ेगा।

गांव वालों का आरोप है कि दरभंगा ज़िला प्रशासन और पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट कुछ अवैध रूप से बनी इमारतों को बचाने के लिए आम किसानों के हितों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। वे बताते हैं कि बिहार सरकार द्वारा भेजी गई सोशल इंपैक्ट असेसमेंट टीम (पटना से) ने अपने सर्वे के दौरान साफ ​​तौर पर निर्देश दिया था कि सिर्फ़ मौजूदा सीधी बाईपास सड़क को ही चौड़ा और मज़बूत किया जाएगा। उस मीटिंग में सर्कल ऑफिसर और लैंड एक्विजिशन ऑफिसर समेत कई ज़िला-स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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अब गांव वालों का कहना है कि सोशल इंपैक्ट टीम की रिपोर्ट को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है, और किसानों को धोखा देने की साज़िश रची जा रही है। गांव वालों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके घरों को विस्थापित न किया जाए और उनकी उपजाऊ खेती की ज़मीन को अधिग्रहण से बाहर रखा जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।

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