Bihar News: शनिवार को राष्ट्रीय युवा योजना, बिहार के तत्वाधान में पटना, सुल्तानगंज स्थित जी बी एम एकेडमी में युवाओं के प्रेरणा स्रोत एवं महान गांधीवादी डॉ एस एन सुब्बा राव भाईजी का 97वा जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथी राष्ट्रीय युवा योजना के सचिव नीरज काँस्यकार, सदभावना मंच भारत के निर्देशक दीपक कुमार, समाजसेवी संगीता देवी, रजनीश कुमार उपस्थित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मेहनत सेवा राम की गीत गा कर किया गया।
गीत के बाद सभी सदस्य,विद्यालय के बच्चें शिक्षक सभी ने श्रम संस्कार के माध्यम से विद्यालय के प्रांगण में साफ- सफाई कर अपने मन में श्रम दान मेरा संस्कार का बीज उत्पन्न किया गया। इसके बाद सभी ने सामूहिक खेल के माध्यम से कितने भाई कितने आप चाहे जितने, बैलून, म्यूजिकल चेयर, मछली जाल आदि खेल के द्वारा बच्चें खूब आनंदित हुए।
खेल के बाद सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु मंच पर अतिथियों का स्वागत कर भाईजी के तस्वीर पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि और दिप प्रवजलित कर सर्व धर्म प्रार्थना का आयोजन नीरज काँस्यकार के द्वारा किया गया। फिर सभी बच्चें और अतिथियों ने मिलकर भाईजी को याद कर केक काटे।
इंसानियत का बीजारोपण हो
नीरज काँस्यकार ने कहा भाईजी का प्रिय नारा एक घंटा देश को एक घंटा देह को आत्मशात करने की जरूरत हैं। भाईजी जी कहते थे 24 घंटा में एक घंटा शरीर के लिए यानी व्यायाम करें और एक घंटा देश के लिए निकाले। अपने स्तर से समाज की सेवा करें। इस अवसर पर समाजसेवी रजनीश भाई ने कहा कि भाईजी से प्रेरणा लेकर नीरज भाई शान्ति, सदभावना और सभी धर्मो के प्रति सम्मान का दिप जलाने का जो जिम्मेदारी उठाए उसे देख इंसान के अंदर इंसानियत का बीज डालने वाले भाईजी के जन्मदिन पर उपस्थित होकर मन आनंदित हुआ।
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सदभावना मंच के संस्थापक दीपक कुमार ने कहा कि आज का दिन हम सभी सामाजिक लोगों के लिए एक पावन दिन हैं। आज भारत माता के सच्चे शान्ति सिपाही भाईजी धरती पर अवतार लेकर देश आजादी से लेकर चम्बल घाटी को शान्ति का स्थान बनाते हुए विश्व में शान्ति का सन्देश देते हुए आजीवन यात्रा में ही रहें। अंत में भाईजी द्वारा निर्मित भारत की संतान नामक 18 भाषा पर आधारित नृत्य की प्रस्तुति की गई।
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जिसमें संस्कृत नमन काँस्यकार, मनीपुरी आयत प्रवीण, असमिया जानवी, कश्मीरी साईना , गुजराती सोहनी. मलयालम स्ट्रिस्टि,बंगाली प्रियांशु, मराठी आराध्या, तेलगु अंकित, सिंधी मोनालिसा, उड़िया काजल, नेपाली सागर, कोंकनी राज, उर्दू सुफिया, कन्नड़ प्रिंस, पंजाबी शीव, तमिल कार्तिक हिन्दी चांदनी के द्वारा मंचन किया गया।














