Gas Cylinder Crisis: उत्तर बिहार के सबसे बड़े हॉस्पिटल DMCH में मरीजों के लिए खाना बनाने में दिक्कत आ रही है। खाड़ी देशों में चल रही लड़ाई और दुनिया भर में गैस संकट का सीधा असर अब आम लोगों की ज़िंदगी पर पड़ रहा है। हॉस्पिटल में रोज़ाना 1,600 से 1,700 लोगों को खाना मिलता है, लेकिन गैस की कमी की वजह से अब खाने का संकट हो रहा है।
DMCH में मरीजों के खाने पर संकट
DMCH में मरीजों के लिए खाना जीविका बनाती है। जीविका मैनेजर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि उनके पास दिन में सिर्फ़ एक बार खाना बनाने के लिए ही गैस सिलेंडर हैं। उनके मुताबिक, रोज़ाना खाना बनाने के लिए औसतन तीन से चार सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं, लेकिन अब सिर्फ़ तीन सिलेंडर बचे हैं। शुक्रवार से मरीजों के लिए खाने का संकट और बढ़ जाएगा। आशुतोष मिश्रा ने बताया कि बुधवार रात से ब्रेड की सप्लाई बंद कर दी गई है क्योंकि ब्रेड बनाने में बहुत ज़्यादा गैस लगती है। मरीजों को अब चावल, दाल और सब्ज़ी से काम चलाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस दिक्कत की जानकारी हॉस्पिटल के सीनियर अधिकारियों और सरकार को दे दी गई है ताकि इमरजेंसी सर्विस के लिए गैस मिल सके।
Gas Cylinder Crisis: अस्पताल में भोजन का संकट
DMCH में कुक रेखा देवी ने बताया कि वह पिछले तीन साल से वहां काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें पहले कभी इतनी गंभीर गैस की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। उनके अनुसार, उनके पास सिर्फ़ कल के लिए गैस बची है और उन्होंने मैनेजर और सीनियर अधिकारियों को इस स्थिति के बारे में बता दिया है।
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पिछले तीन-चार दिनों से सुबह-सुबह गैस गोदामों पर लंबी लाइनें लग रही हैं। बुधवार देर शाम दरभंगा सदर SDO विकास कुमार की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट सप्लाई डिपार्टमेंट की एक मीटिंग हुई, जिसमें लोगों और अस्पतालों दोनों के लिए गैस की कमी को दूर करने के लिए बात की गई। अस्पताल प्रशासन और स्टाफ सरकार से तुरंत गैस सप्लाई पक्का करने की रिक्वेस्ट कर रहे हैं ताकि मरीज़ों को खाने की कोई कमी न हो और उनकी सेहत सुरक्षित रहे।
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