Kolkata News: डॉ. ओझा एंड संस के CMD, तृप्त संभव ओझा ने होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HMAI) के 50वें गोल्डन जुबली समारोह के मौके पर आयोजित भव्य कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम न सिर्फ HMAI की पांच दशकों की उपलब्धियों का जश्न था, बल्कि होम्योपैथी के वर्तमान और भविष्य पर गहराई से चर्चा के लिए एक मज़बूत मंच भी था।
इस कॉन्क्लेव में भारत और विदेश के जाने-माने होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर्स, इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। इस इवेंट के दौरान, तृप्त संभव ओझा ने कई सीनियर डॉक्टरों और विशेषज्ञों के साथ सौहार्दपूर्ण मुलाकातें कीं। विशेष रूप से Bakson Homeopathic Pvt. Ltd. के Founder & Owner Dr. S. P. S. Bakshi सहित अन्य वरिष्ठ dignitaries के साथ हुई सार्थक बातचीत में होम्योपैथी के समकालीन परिदृश्य, नवाचार, रिसर्च, गुणवत्ता मानक और वैश्विक विस्तार जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस अवसर पर तृप्त संभव ओझा ने कहा कि HMAI के 50 वर्षों का यह स्वर्णिम सफर होम्योपैथी की वैज्ञानिक प्रगति, नैतिक मूल्यों और रोगी–केंद्रित दृष्टिकोण का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा के समन्वय से आने वाले समय में होम्योपैथी और अधिक सशक्त तथा प्रभावशाली बनेगी।
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कॉन्क्लेव में हुए विचार–विमर्श ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि संगठित नेतृत्व, आधुनिक अनुसंधान और समन्वित प्रयासों के माध्यम से होम्योपैथी का भविष्य उज्ज्वल है। डॉ. ओझा एंड संस इस दिशा में निरंतर योगदान देने और होम्योपैथी को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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