Nalanda Crime: नालंदा के कतरीसारा थाना इलाके में एक फर्नीचर कारोबारी से ₹75 लाख की भारी-भरकम रंगदारी मांगने के सनसनीखेज मामले को पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सात युवकों को गिरफ्तार किया है, जो किसी प्रोफेशनल गैंग के सदस्य नहीं हैं, बल्कि पढ़े-लिखे स्थानीय लोग हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक प्राइवेट स्कूल का डांस टीचर और एक फिल्म मेकर शामिल हैं, जिन्होंने कम समय में बहुत सारा पैसा कमाने के लालच और फिल्मों से प्रभावित होकर इस जघन्य अपराध को अंजाम देने की साजिश रची।
डांस टीचर और फिल्ममेकर निकले मास्टरमाइंड
राजगीर DSP सुनील कुमार सिंह ने बताया कि घटना 6 अप्रैल को शुरू हुई जब कतरीसारा में खान फर्नीचर के मालिक को एक अनजान कॉल आया। कॉल करने वाले ने सीधे कारोबारी से ₹75 लाख मांगे और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी। इस धमकी भरे कॉल से कारोबारी का परिवार डर गया, जिसके बाद उन्होंने कतरीसारा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गिरियक अंचल के पुलिस इंस्पेक्टर, कतरीसारा थाना प्रमुख धर्मेंद्र कुमार और जिला खुफिया इकाई की एक टीम को शामिल करते हुए एक विशेष टीम बनाई गई।
Nalanda Crime: ₹75 लाख की रंगदारी का खुलासा
साइंटिफिक और टेक्निकल सबूतों के आधार पर पुलिस टीम ने लगातार छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप बिहार शरीफ और मानपुर समेत अलग-अलग इलाकों से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों की पहचान बिहार शरीफ के अंबर चौक निवासी रोशन कुमार; मानपुर के नेमाजी बिगहा निवासी नीरज कुमार उर्फ मनीष और रविशंकर कुमार; बांका निवासी आर्यन शर्मा; सोहन कुआं निवासी राहुल कुमार उर्फ विवेक प्रियदर्शी; नवादा निवासी गुड्डू कुमार; और कोडरमा निवासी प्रेरित कुमार के रूप में हुई है। प्रेरित कुमार फिलहाल बिहार शरीफ के रामचंद्रपुर में टीचर्स कॉलोनी में रह रहा था।
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पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी प्रेरित कुमार फिल्म प्रोड्यूसर का काम करता था, जबकि दूसरा आरोपी डांस टीचर का काम करता था। गलत कामों से प्रभावित होकर ये युवक रातों-रात अमीर बनने का सपना देखते हुए अपराध की दुनिया में उतर गए थे। पुलिस को आठ मोबाइल फ़ोन, एक कीपैड फ़ोन, सिम कार्ड, आधार कार्ड और सबसे ज़रूरी, एक कागज़ मिला जिस पर पीड़ित बिज़नेसमैन का मोबाइल नंबर लिखा था। हालांकि कोई पिछला क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं मिली है, फिर भी पुलिस हर पहलू की अच्छी तरह से जांच कर रही है। गैंग के पकड़े जाने के बाद लोकल बिज़नेसमैन ने राहत की सांस ली है।
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नालंदा से संजीव कुमार बिट्टू की रिपोर्ट













