Bihar News: शुक्रवार का दिन बिहार पर्यटन की सौगात का दिन रहा। पटना के दारोगा राय पथ से पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, पर्यटन सचिव निलेश रामचंद्र देवरे बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर तथा महाप्रबंधक चंदन चौहान के द्वारा दो नए कैरावैन को हरी झंड़ी दिखाकर शुभारंभ किया गया। कैरावैन में देशी, विदेशी टूरिस्ट पूरी लक्जरी के साथ टूरिस्ट साइट्स डेस्टिनेशन तक बिना थके पहुंच सकेंगे। बुकिंग सिख हेरिटेज भवन, कौटिल्य भवन काउंटर से कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 8544418209 पर भी बुकिंग करा सकते हैं।
इन सुविधाओं से है लैस
कैरावैन में तमाम लग्जरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रत्येक कैरावैन में आठ लोगों के बैठने की व्यवस्था है। चार स्लीपर बेड है जो दो परिवारों के आरामदायक सफर के लिए उपयुक्त है। पर्यटन सचिव निलेश देवरे ने बताया कि इस नये कैरावैन को भारत बेंज के चेसिस पर बनवाया गया है। प्रत्येक में चार 360 डिग्री रिवोल्वींग चेयर एवं एक सोफा उपलब्ध है। प्रत्येक कैरावैन में बाथरूम, किचन, टीवी एवं कैम्पिंग हेतु एक जेनसेट तथा कैनोपी भी उपलब्ध है। सभी चारों स्लीपर बेड पर रिडिंग लाईट तथा टीवी की भी व्यवस्था है। सफर को सुरक्षित बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरा तथा एसओएस बटन भी उपलब्ध कराया गया है।
75 रू प्रति किलोमीटर का सफर
पर्यटन विभाग, बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु कई महत्वकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। इसके अंतर्गत पर्यटन विभाग, बिहार सरकार द्वारा पर्यटन प्रक्षेत्र को बढ़ावा एवं पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान करने हेतु दो कैरावैन की खरीद की गई थी। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लि. के द्वारा इन दो कैरावैन का कुल खरीद लागत लगभग 2 करोड़ 18 लाख आई है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर ने बताया कि पर्यटकों को सुविधा एवं पर्यटन प्रक्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु कैरावैन का दर 75 रू प्रति किलोमीटर, कम से कम 250 किलोमीटर प्रतिदिन + 05 प्रतिशत जीएसटी रखा गया है। इस कैरावैन का उपयोग बिहार एवं देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के परिभ्रमण हेतु देशी-विदेशी पर्यटकों के द्वारा आरामदायक अनुभूति के साथ किया जा सकेगा।
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बिहार के लिए ऐसे होगा खास
कैरावैन बिहार पर्यटन के लिए बेहद खास होने वाला है। जानकारी हो कि बिहार में बुद्ध सर्किट, सिख सर्किट, जैन धर्मावलंबियों के धार्मिक स्थल और कई प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक स्थल हैं। बिहार में चीन, कंबोडिया, वियतनाम, जापान और दक्षिण पूर्व ऐसिया के देशों से टूरिस्ट ज्यादा संख्या में विजिट करते हैं। यदि कैरावैन चलाने का प्रयोग सफल रहा तो निकट भविष्य में ऐसे कैरावैन की मांग में तेजी आएगी। साथ ही सीमित लोगों के साथ सफर में इसका आनंद निश्चित तौर पर यादगार रहने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, पर्यटन विभाग की ये पहल सुविधा विस्तार की एक आधुनिक और महत्वपूर्ण कदम है।
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शंभूकांत सिन्हा














