Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---
Advertisement
Ad
---Advertisement---
Advertisement
Ad

राजगीर नेचर सफारी अस्थायी रूप से बंद, जानिए कब तक नहीं मिलेगी एंट्री

राजगीर नेचर सफारी अस्थायी रूप से बंद, जानिए कब तक नहीं मिलेगी एंट्री
---Advertisement---

Rajgir Nature Safari Closed: राजगीर से एक महत्वपूर्ण खबर आई है, जहां प्रसिद्ध राजगीर नेचर सफारी के संबंध में एक अहम फैसला लिया गया है। प्रबंधन ने घोषणा की है कि नेचर सफारी, विशेष रूप से ग्लास ब्रिज और प्रायोरिटी टिकट पैकेज, 27 अप्रैल, 2026 से 8 मई, 2026 तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। यह निर्णय पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

राजगीर नेचर सफारी क्यों हुआ बंद?

अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान सफारी क्षेत्र में आवश्यक रखरखाव और मरम्मत कार्य किए जाएंगे, जिससे भविष्य में आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। ग्लास ब्रिज जैसे आकर्षणों की सुरक्षा और सुदृढ़ता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण और मरम्मत कार्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, पर्यटकों को इस बात से राहत मिली है कि राजगीर का लोकप्रिय चिड़ियाघर सफारी इस दौरान हमेशा की तरह खुला रहेगा। इसका मतलब है कि जो लोग इस दौरान राजगीर घूमने की योजना बना रहे हैं, वे हमेशा की तरह चिड़ियाघर सफारी का आनंद ले सकेंगे।

पर्यटकों के लिए जरूरी सूचना

प्रबंधन इस अस्थायी बंदी के कारण हुई असुविधा के लिए क्षमा चाहता है और आगंतुकों से सहयोग की अपील करता है। वे आश्वस्त करते हैं कि नेचर सफारी 8 मई के बाद अधिक सुरक्षित, बेहतर और सुविधाजनक वातावरण में पुनः खुलेगी। राजगीर बिहार का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो रोमांचकारी नेचर सफारी और ग्लास ब्रिज के अनुभव के लिए हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है।

यह भी पढ़ें: नालंदा में KTM बाइक से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद

हालांकि इस निर्णय से कुछ दिनों के लिए असुविधा हो सकती है, लेकिन इसे पर्यटकों की सुरक्षा और दीर्घकालिक अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक आवश्यक कदम माना जाता है। यदि आप भी राजगीर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं और निर्धारित तिथियों पर विशेष ध्यान दें।

संजीव कुमार बिट्टू की रिपोर्ट

Anjali Singh

Anjali Singh is a distinguished Dhanbad-based journalist and the Sampadak (Editor) of Mithila Top. Covering politics, society, education, and entertainment, she is celebrated for her signature writing style... masterfully translating complex current affairs into lucid, precise, and engaging narratives. Committed to factual accuracy, Anjali remains a trusted, influential, and resonant voice in regional journalism.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment