Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---
Advertisement
Ad
---Advertisement---
Advertisement
Ad

Rupee Crash 2026: क्या डॉलर के मुकाबले 100 तक गिर सकता है रुपया?

Rupee Crash 2026: क्या डॉलर के मुकाबले 100 तक गिर सकता है रुपया?
---Advertisement---

Rupee Crash 2026: वैश्विक बाजारों में जारी उथल-पुथल का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 44 पैसे गिरकर सर्वकालिक निचले स्तर 96.25 पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में आई इस ऐतिहासिक गिरावट ने निवेशकों, व्यवसायों और आम जनता के बीच चिंता बढ़ा दी है।

Rupee Crash 2026: जानिए क्यों बढ़ रहा है आर्थिक संकट

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, ईरान से संबंधित संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा रही है। इसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों की मुद्राओं पर पड़ रहा है।

विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 96.19 पर खुला और कुछ ही समय में गिरकर 96.25 पर आ गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में, रुपया पहली बार 96 के स्तर को पार करते हुए 95.81 पर बंद हुआ था। बाजार विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में रुपया डॉलर के मुकाबले 100 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक पहुंच सकता है।

इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत में भारी उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा है। चूंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए ऊंची कीमतों से डॉलर की मांग बढ़ रही है, जिससे रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है। वहीं, अमेरिकी डॉलर सूचकांक की मजबूती भी भारतीय मुद्रा की कमजोरी में योगदान दे रही है।

केंद्र सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। इसके अलावा, चांदी के आयात पर नियंत्रण और कड़ा कर दिया गया है और इसे लाइसेंस के अंतर्गत रखा गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर लगभग 697 अरब डॉलर हो गया है, जिससे भारतीय रिज़र्व बैंक को बाजार में हस्तक्षेप करने की शक्ति मिल गई है।

सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट

रुपये की गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी पड़ा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंक से अधिक गिर गया, वहीं निफ्टी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल छा गया।

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सप्ताह भारतीय बाजारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं और वैश्विक तनाव बना रहता है, तो रुपया और कमजोर हो सकता है। फिलहाल, 96.00 और 96.50 के बीच का अमेरिकी डॉलर/भारतीय रुपये का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें:

Bhumika

Bhumika Kumari is a Jharkhand-based journalist from Dhanbad, specializing in politics, entertainment, education, society, and current affairs. Known for her clear, accurate, and accessible writing style, she effectively bridges complex issues for the public. She also serves as a key content writer for the digital platform Mithila Top.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment