Union Budget 2026: खबर दरभंगा से हैं जहां मिथिला स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्या भूषण ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट एक बार फिर मिथिला क्षेत्र की उपेक्षा का प्रमाण है। शिक्षा, रोजगार, बुनियादी ढाँचा और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे मूलभूत मुद्दों पर मिथिला को कोई ठोस सौगात नहीं मिली, जिससे मिथिलावासियों में गहरा असंतोष है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मिथिला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध क्षेत्र रहा है, लेकिन आज भी यह क्षेत्र पलायन, बेरोजगारी और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। बावजूद इसके, बजट में न तो मिथिला के लिए किसी विशेष पैकेज की घोषणा की गई और न ही उच्च शिक्षा, तकनीकी संस्थान, मेडिकल कॉलेज, आईटी हब अथवा उद्योगों की स्थापना को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने कहा कि मिथिला के छात्र वर्षों से बेहतर विश्वविद्यालय, शोध संस्थान, छात्रावास, स्कॉलरशिप और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु संसाधनों की मांग कर रहे हैं, लेकिन बजट में इन मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार की विकास नीति में मिथिला हाशिये पर है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी कहा कि मिथिला क्षेत्र कृषि प्रधान होने के बावजूद किसानों के लिए कोई विशेष योजना, सिंचाई परियोजना या बाढ़–कटाव नियंत्रण हेतु प्रभावी प्रावधान बजट में नहीं दिखता। हर साल बाढ़ से तबाह होने वाले मिथिला के जिलों के लिए स्थायी समाधान की जरूरत है, न कि केवल घोषणाओं की
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मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने मांग की कि मिथिला क्षेत्र के लिए विशेष क्षेत्रीय विकास पैकेज घोषित किया जाए। दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर मिथिला में उच्च स्तरीय शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थान स्थापित किए जाएँ। स्थायी बाढ़ नियंत्रण योजना एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। मैथिली भाषा और संस्कृति के संरक्षण हेतु विशेष बजटीय प्रावधान किए जाएँ।
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मिथिला की उपेक्षा की नीति नहीं बदली, तो मिथिला स्टूडेंट यूनियन लोकतांत्रिक तरीके से छात्र–युवा आंदोलन को और तेज करेगी और सड़क से सदन तक मिथिला की आवाज बुलंद की जाएगी।













