Darbhanga: दरभंगा राज की आखिरी महारानी के निधन के बाद पूरे मिथिला क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। इस मौके पर मिथिला स्टूडेंट यूनियन के नेशनल कोषाध्यक्ष और छात्र संघ चुनाव प्रभारी उदय नारायण झा ने गहरी संवेदना व्यक्त की और राज्य सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए।
अपने बयान में उदय नारायण झा ने कहा, “दरभंगा राज का इतिहास न सिर्फ मिथिला से बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक विकास से जुड़ा है। जब दरभंगा राज के महाराजा खुद संविधान सभा के सदस्य थे, तो यह न सिर्फ नैतिक रूप से बल्कि कानूनी रूप से भी ज़रूरी था कि उनकी पत्नी, महारानी को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाए।”
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने समय रहते महारानी के लिए राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की मांग की थी, लेकिन उपमुख्यमंत्री द्वारा इस अनुरोध को नज़रअंदाज़ करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और मिथिला की गरिमा का अपमान है।
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यह सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उदय नारायण झा ने मांग की कि राज्य सरकार इस मामले पर आत्ममंथन करे और भविष्य में मिथिला की ऐतिहासिक हस्तियों के प्रति इस तरह का भेदभावपूर्ण व्यवहार न करे। आखिर में उन्होंने कहा, “पूरा मिथिला दरभंगा राज की आखिरी महारानी को सम्मान के साथ नमन करता है।” दरभंगा राज की आखिरी महारानी को विनम्र श्रद्धांजलि।
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