Darbhanga News: दरभंगा शहर में 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मटन और मछली की बिक्री पर पूरी तरह से बैन के आदेश के बावजूद, नगर निगम और प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम मटन और मछली बेची गईं। चौराहों, तिराहों और कई इलाकों में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं, लेकिन संबंधित विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
ताज़ा मामला लहरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर के अभंडा भटियाराई का है, जहां गणतंत्र दिवस पर खुलेआम मटन बेचा जा रहा था। यह तब हुआ जब नगर निगम कई दिनों से यह प्रचार कर रहा था कि 26 जनवरी को मांस और मछली की बिक्री पर पूरी तरह से बैन रहेगा।
इस संबंध में मांस विक्रेता मोहम्मद अब्बास ने कहा कि शहर के कई इलाकों में खुलेआम मछली बेची जा रही है। उन्होंने कहा, “हम मांस छिपकर बेचते हैं। अगर प्रशासन मछली की बिक्री पर सख्ती से बैन लागू करता है, तो मैं आज मटन नहीं बेचूंगा।”
विक्रेता के इस बयान ने प्रशासनिक नियंत्रण और निगरानी प्रणाली की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।सबसे चिंताजनक बात यह थी कि नगर निगम द्वारा लगातार प्रचार के बावजूद, प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह से अनजान बनी रही, और पूरे शहर में नियमों का खुलेआम उल्लंघन हुआ।
जब इस मामले में दरभंगा नगर आयुक्त से संपर्क किया गया, तो उन्होंने साफ किया कि मामले की जांच की जाएगी और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने यह भी कहा कि बैन के बावजूद मांस या मछली बेचते पाए जाने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह ध्यान देने योग्य है कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय त्योहार पर नियमों की अनदेखी न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि राष्ट्रीय हित और सामाजिक अनुशासन पर भी गंभीर सवाल उठाती है। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन अपने दावों को ज़मीन पर लागू करने में कितना सफल होता है।
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