Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---
Advertisement
Ad
---Advertisement---
Advertisement
Ad

धर्मतल्ला का धुआँ और पीली टैक्सी का ‘साइलेंट’ स्टेयरिंग: क्या मिथिला तय करेगी बंगाल का भाग्य?

On: April 28, 2026 1:11 AM
Follow Us:
धर्मतल्ला का धुआँ और पीली टैक्सी का 'साइलेंट' स्टेयरिंग: क्या मिथिला तय करेगी बंगाल का भाग्य?
---Advertisement---
Advertisement
Ad

West Bengal Election 2026: सियालदह स्टेशन या हावड़ा स्टेशन के बाहर पीली टैक्सियों की क़तार और कड़क चाय की प्याली पर जमी बहस…अगर आप कोलकाता की नब्ज़ पहचानते हैं, तो आप जानते होंगे कि यहाँ की राजनीति ‘नबन्ना’ के गलियारों से पहले इन टैक्सियों के डैशबोर्ड पर जन्म लेती है। कोलकाता की सड़कों पर दौड़ती ये ‘येलो एंबेसडर’ केवल शहर का गौरव नहीं हैं, बल्कि ये उन हज़ारों मैथिल परिवारों का पसीना हैं जो दशकों पहले दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर की मिट्टी छोड़कर इस ‘सिटी ऑफ जॉय’ को अपनी कर्मभूमि बनाने आए थे। आज जब बंगाल का चुनावी पारा चढ़ रहा है, तो हर नज़र इस सवाल पर टिकी है कि ‘पीली टैक्सी’ वाला क्या सोच रहा है?

आंकड़ों के आईने में ‘छोटा मिथिला’

कोलकाता की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली करीब 22,000 पीली टैक्सियों के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है। पश्चिम बंगाल टैक्सी ऑपरेटर्स फेडरेशन (WBTOF) और परिवहन यूनियनों के ज़मीनी आंकड़े गवाही देते हैं कि शहर के लगभग 75% टैक्सी चालक प्रवासी हैं। इनमें से एक बड़ा हिस्सा… तक़रीबन 35 से 40 फ़ीसदी… सीधे तौर पर मिथिलांचल से आता है। यानी कोलकाता की सड़कों पर हर तीसरी टैक्सी का स्टेयरिंग एक मैथिल हाथ में है। ये महज़ ड्राइवर नहीं हैं, ये अपने पीछे 20 से 25 हज़ार परिवारों का वोट बैंक और एक पूरा सामाजिक विमर्श लेकर चलते हैं।

चुनावी विडंबना: पहचान बनाम वजूद

एक पत्रकार के तौर पर जब मैं इनसे बात करता हूँ, तो राजनीति का एक अलग चेहरा सामने आता है। बड़ाबाज़ार की संकरी गलियों से लेकर ईएम बाईपास की रफ़्तार तक, ये चालक दिन भर में सैकड़ों सवारियों से मिलते हैं। वे बंगाल की ‘ओपिनियन मशीन’ हैं। लेकिन विडंबना देखिए, जो ड्राइवर पूरे शहर को उसकी मंज़िल तक पहुँचाता है, चुनाव आते ही वह ख़ुद को सियासी चौराहे पर खड़ा पाता है। एक तरफ ‘बंगाली अस्मिता’ का शोर है, तो दूसरी तरफ ‘हिंदुत्व और राष्ट्रवाद’ की लहर। लेकिन इन दोनों के बीच फंसा वह टैक्सी वाला आज ‘सुरक्षा और सम्मान’ की तलाश में है। ऐप-कैब (ओला-उबर) के उभार ने उनकी रोज़ी-रोटी पर जो चोट की है, उस पर मरहम लगाने का वादा किसी भी राजनीतिक दल के मेनिफ़ेस्टो में प्रमुखता से नहीं दिखता। पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती क़ीमतों और महँगाई ने उनकी बचत को सोख लिया है। पुलिसिया चालान की मार और परमिट के नवीनीकरण की जद्दोजहद के बीच, मिथिलांचल का ये मेहनतकश समाज इस बार ‘इमोशनल कार्ड’ के बजाय ‘इकोनॉमिक कार्ड’ खेलने के मूड में है।

अगली पीढ़ी का सवाल और किंगमेकर की खामोशी

टैक्सी के पुराने स्टेयरिंग को थामे बुजुर्ग ड्राइवर की चिंता अब बदल गई है। वह अब केवल अपनी रोटी नहीं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य के लिए बंगाल में ‘स्पेस’ ढूँढ रहा है। क्या उनकी अगली पीढ़ी को भी इसी संघर्ष से गुज़रना होगा या फिर बंगाल का नया निज़ाम उनके बच्चों के लिए शिक्षा और रोज़गार के नए दरवाज़े खोलेगा? कोलकाता और उसके आसपास की तक़रीबन 15 विधानसभा सीटों पर ये हिंदी भाषी और मैथिल मतदाता हार-जीत का गणित बिगाड़ने की ताक़त रखते हैं। हावड़ा, कमरहाटी, भवानीपुर और भाटपाड़ा जैसे इलाक़ों में इनकी एकजुटता किसी भी बड़े क़िले को ढहा सकती है। इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि ‘पीली टैक्सी’ का यह वोटर अब केवल ‘वोट बैंक’ बनकर रहने को तैयार नहीं है; वो सत्ता में अपनी हिस्सेदारी और अपने हक़ों का हिसाब माँग रहा है।

निष्कर्ष

कोलकाता का मिज़ाज समझना हो तो किसी सर्वे एजेंसी के पास जाने के बजाय टैक्सी के उस मीटर को देखिए जो गिरता तो पैसे के लिए है, लेकिन चलता राजनीति की धुन पर है। विद्यापति की मिठास और टैगोर की धरती का यह मिलन इस बार बंगाल की सत्ता के समीकरणों को एक नई दिशा देने वाला है। ‘मिथिला टॉप’ के पाठकों को ये समझना होगा कि बंगाल का ये रण केवल दो दलों की जंग नहीं, बल्कि उस पसीने की क़ीमत तय करने का वक़्त है जो पिछले कई दशकों से इस शहर के रास्तों पर बहाया जा रहा है। स्टेयरिंग मिथिला का है, अब देखना यह है कि यह बंगाल की सत्ता की गाड़ी को किस मोड़ पर ले जाकर खड़ा करता है।

यह भी पढ़ें: जगुआर कैंपस में बनेगा हाईटेक स्कूल, हेमंत सोरेन ने दिए अहम निर्देश

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Donald Trump Attack: बाल-बाल बचे डोनाल्ड ट्रंप, सीक्रेट ने ऐसे बचाई जान

Donald Trump Attack: बाल-बाल बचे डोनाल्ड ट्रंप, सीक्रेट ने ऐसे बचाई जान

Raghav Chadha Join BJP: AAP में बड़ी टूट, राघव चड्ढा समेत 7 सांसद BJP में शामिल

Raghav Chadha Join BJP: AAP में बड़ी टूट, राघव चड्ढा समेत 7 सांसद BJP में शामिल

West Bengal Election 2026: पहले चरण में 152 सीटों पर कड़ा मुकाबला, किसका पलड़ा भारी?

West Bengal Election 2026: पहले चरण में 152 सीटों पर कड़ा मुकाबला, किसका पलड़ा भारी?

West Bengal Election 2026: बंगाल का आगाज़: पहले चरण में 'डेटा' का महा-धमाका

West Bengal Election 2026: बंगाल का आगाज़: पहले चरण में ‘डेटा’ का महा-धमाका

Kerala High Court Recruitment: सिविल जज के 27 पदों पर आवेदन शुरू

Kerala High Court Recruitment: सिविल जज के 27 पदों पर आवेदन शुरू

बिना एक भी वोटिंग के Harivansh Narayan Singh तीसरी बार बने राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन

बिना एक भी वोटिंग के Harivansh Narayan Singh, तीसरी बार बने राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन

CBSE 10 Result 2026 जारी, रोल नंबर डालते ही मिलेगा रिजल्ट

CBSE 10 Result 2026 जारी, रोल नंबर डालते ही मिलेगा रिजल्ट

Asha Bhosle Passes Away Today: मशहूर गायिका Asha Bhosle का निधन, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

Asha Bhosle Passes Away Today: मशहूर गायिका Asha Bhosle का निधन, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

APJ Abdul Kalam के साथी Manas Bihari Verma को याद कर भावुक हुआ गांव

APJ Abdul Kalam के साथी Manas Bihari Verma को याद कर भावुक हुआ गांव

Bhutan में Study in India Program में दिखी भारत की शिक्षा शक्ति

Bhutan में Study in India Program में दिखी भारत की शिक्षा शक्ति

Darbhanga Airport: दरभंगा से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू

Darbhanga Airport: दरभंगा से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू

Petrol Diesel Rate Today: भारत में प्रीमियम पेट्रोल महंगा, इस दिन से नई कीमतें लागू

Petrol Diesel Rate Today: भारत में प्रीमियम पेट्रोल महंगा, इस दिन से नई कीमतें लागू

Leave a Comment