Medical Shop Strike 2026: Darbhanga Chemists and Druggists Association के अध्यक्ष राजेश मोहन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने 20 मई 2026 को प्रस्तावित देशव्यापी दवा दुकान बंदी को सफल बनाने का आह्वान किया है. यह आंदोलन ऑनलाइन दवा बिक्री, अवैध ई-फार्मेसी और बड़ी कंपनियों की कथित “अपमानजनक मूल्य निर्धारण” नीति के विरोध में किया जा रहा है।
दवा दुकानें 24 घंटे बंद रहेंगी
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर 19 मई की रात 12 बजे से 20 मई की रात 12 बजे तक पूरे देश में एक दिवसीय बंद रहेगा. बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने भी इस आंदोलन को पूरा समर्थन देने का फैसला किया है.संस्था की सचिव संगीता साह ने कहा कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के कारण बिना उचित नियंत्रण के दवाओं की आपूर्ति हो रही है. इससे नकली और अप्रमाणित नुस्खों का उपयोग, एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाओं की आसान उपलब्धता और नकली दवाओं के खतरे बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सिस्टम में फार्मासिस्ट और मरीज के बीच जरूरी संवाद खत्म हो रहा है, जो स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से चिंताजनक है.
छोटे दुकानदारों पर संकट का दावा
एसोसिएशन का कहना है कि बड़ी कंपनियां भारी छूट देकर बाजार में अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा कर रही हैं। इससे छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में संचालित दवा दुकानों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है.
मंसूर आलम ने केंद्र सरकार से ई-फार्मेसी से संबंधित जीएसआर 817 (ई) अधिसूचना को वापस लेने, कोविड काल में जारी जीएसआर 220 (ई) अधिसूचना को समाप्त करने और अवैध ई-फार्मेसी पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने लुटेरी प्राइसिंग की जांच की मांग भी उठाई।
Medical Shop Strike 2026: 20 मई धरना प्रदर्शन
एसोसिएशन के संयुक्त सचिव गुरुकुमार ने बताया कि 20 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक जिला, अनुमंडल व प्रखंड मुख्यालयों पर धरना कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. संगठन ने सभी सदस्यों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में भाग लेने की अपील की है. इस बंदी का असर बिहार समेत देश के कई राज्यों में दवा दुकानों पर देखा जा सकता है.
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