Rajgir Malmas Mela: राजगीर नगर परिषद के वार्ड नंबर 24 के पार्षद अजय कुमार ने मलमास मेले के इलाके में सड़क विक्रेताओं और फेरीवालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई के विरोध में उप-विभागीय मजिस्ट्रेट को एक आवेदन प्रस्तुत किया है।
Rajgir Malmas Mela: प्रशासन को सौंपा आवेदन
पार्षद अजय कुमार ने अपने आवेदन में कहा कि राज्य मलमास मेले के दौरान गरीब सड़क किनारे दुकानदारों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दुकानों को जेसीबी मशीनों से तोड़े जाने की शिकायतें मिली हैं, जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि इन छोटे दुकानदारों की आजीविका का मुख्य स्रोत यही मेला है। वे इस आय का उपयोग अपने परिवारों का भरण-पोषण करने, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा उपचार और बेटियों की शादी जैसे आवश्यक खर्चों को पूरा करने के लिए करते हैं। प्रशासनिक कार्रवाई से गरीब परिवारों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।
पार्षद ने बताया कि राजगीर का राजकीय मलमास मेला हर तीन साल में आयोजित होता है और स्थानीय दुकानदारों को इससे काफी उम्मीदें हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी और सड़क किनारे विक्रेता अपनी आजीविका कमाने के लिए दुकानें लगाते हैं।
पार्षद ने उठाई आवाज
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए, गरीब और बेरोजगार सड़क विक्रेताओं को सड़क किनारे दुकानें लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि वे सम्मान के साथ अपनी आजीविका कमा सकें।
स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई करते समय गरीब दुकानदारों की दुर्दशा और उनकी आर्थिक तंगी को ध्यान में रखना चाहिए। फिलहाल, इस मामले पर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
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नालंदा से संजीव कुमार बिट्टु की रिपोर्ट


















