Jharkhand New Advocate General: झारखंड को नया महाधिवक्ता (Advocate General) मिल गया है। सीनियर एडवोकेट रोहिताश्व रॉय ने सोमवार को झारखंड हाई कोर्ट परिसर में स्थित एडवोकेट जनरल के कार्यालय में औपचारिक रूप से अपना पदभार संभाला। पद संभालते ही कानूनी बिरादरी के सदस्यों, सीनियर एडवोकेट, वकीलों के क्लर्क और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी। दिन भर शुभचिंतकों का तांता लगा रहा।
Jharkhand New Advocate General: कौन हैं रोहितश्य रॉय?
गौरतलब है कि झारखंड के पूर्व एडवोकेट जनरल राजीव रंजन ने रविवार को निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। उनके इस्तीफ़े के बाद राज्य सरकार ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए सीनियर एडवोकेट रोहिताश्व रॉय को नया एडवोकेट जनरल नियुक्त किया। झारखंड सरकार ने रविवार देर शाम उनकी नियुक्ति के संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना भी जारी की।
रोहिताश्व रॉय को झारखंड के कानूनी जगत में एक प्रतिष्ठित और सम्मानित व्यक्ति माना जाता है। वे अपनी बेहतरीन कानूनी समझ, निष्पक्ष पेशेवर आचरण और न्याय प्रणाली के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। दो दशकों से अधिक के अपने कानूनी करियर में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में क्लाइंट्स का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व करके अपनी एक खास पहचान बनाई है। उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा बहुत मजबूत है और वे बार (वकीलों) और बेंच (न्यायाधीशों) दोनों के बीच सम्मान की दृष्टि से देखे जाते हैं।
रोहिताश्व रॉय का जन्म 14 मई 1980 को रांची में हुआ था। वे झारखंड के जाने-माने वकील स्वर्गीय वीरेंद्र नाथ रॉय के बेटे हैं, जिन्हें प्यार से ‘बिरू बाबू’ कहा जाता था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई रांची के मशहूर सेंट जेवियर्स स्कूल, डोरंडा से की। छात्र जीवन से ही उनकी कानून, सामाजिक कार्यों और जनहित के मुद्दों में गहरी रुचि रही है।
रोहितश्य रॉय को मिली बड़ी जिम्मेदारी
उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से जुड़े सिम्बायोसिस लॉ कॉलेज से अपनी कानूनी पढ़ाई पूरी की और 2003 में LLB की डिग्री हासिल की। इसके बाद, उन्होंने झारखंड हाई कोर्ट में अपनी कानूनी प्रैक्टिस शुरू की। कड़ी मेहनत, लगन और कानूनी मामलों की गहरी समझ के दम पर, उन्होंने जल्द ही खुद को एक सफल और भरोसेमंद वकील के तौर पर स्थापित कर लिया।
अपने बरसों के अनुभव और बेहतरीन काम करने के तरीके की वजह से, रोहिताश्व रॉय को अब राज्य के सबसे ऊँचे कानूनी पद की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति को झारखंड के कानूनी और प्रशासनिक माहौल के लिए अहम माना जा रहा है। उम्मीद है कि उनकी अगुवाई में राज्य सरकार को कई संवैधानिक और कानूनी मामलों पर मज़बूत कानूनी सलाह मिलेगी। झारखंड हाई कोर्ट और राज्य सरकार के बीच तालमेल बिठाने में एडवोकेट जनरल की भूमिका अहम है। इसे देखते हुए उम्मीद है कि रोहिताश्व रॉय का अनुभव और विशेषज्ञता राज्य की न्यायिक प्रक्रिया को और मजबूत करेगी।
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