ED Raid In Dhanbad: झारखंड के कोयला क्षेत्र में अवैध कोयला व्यापार, चोरी, तस्करी, जबरन वसूली (लेवी) और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई अहम खुलासे किए हैं। धनबाद में 31 जगहों पर एक साथ की गई छापेमारी के दौरान, ED ने प्रमुख कोयला व्यापारी LB सिंह के नाम पर मौजूद ₹160 करोड़ से ज़्यादा के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज़ कर दिया। इसके अलावा, ₹1.02 करोड़ की बेहिसाब नकदी भी ज़ब्त की गई।
ED Raid In Dhanbad: अवैध कोयला कारोबार पर ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई
ED के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान बड़ी संख्या में वित्तीय दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए गए हैं। जांच के दौरान, एजेंसी को 200 से ज़्यादा चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ भी मिले हैं। शुरुआती जांच से पता चलता है कि ये संपत्तियां कथित तौर पर गैर-कानूनी गतिविधियों से कमाए गए पैसे से खरीदी गई हो सकती हैं। यह कार्रवाई धनबाद के जाने-माने कोयला व्यापारियों अनिल गोयल और एलबी सिंह; जेएमएम नेता हरेंद्र चौहान; गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव और माधो सिंह; साथ ही उनके सहयोगियों, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के ठिकानों पर की गई। ईडी ने साफ़ किया है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच चल रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
ED, Ranchi Zonal Office has conducted search operations on 28.07.2026 at thirty one (31) premises belonging to Anil Goyal, LB Singh, Harendra Chauhan, Ganesh Yadav, Pappu Mandal, Rohit Yadav, Madho Singh etc and other entities, located in Dhanbad, Jharkhand under PMLA, 2002, in… pic.twitter.com/uqhJepMGhi
— ED (@dir_ed) July 29, 2026
करोड़ों की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद
जांच एजेंसी का कहना है कि यह मामला गैर-कानूनी कोयला खनन, कोयले की चोरी, तस्करी और कोयला उठाने के काम के दौरान कथित तौर पर जबरन वसूली और लेवी वसूलने जैसे आर्थिक अपराधों से जुड़ा है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ED ने अपनी जांच धनबाद ज़िले के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज FIR और पुलिस की तरफ़ से दाखिल चार्जशीट के आधार पर की है।

इन मामलों में शामिल लोगों पर कोयले की चोरी और उससे जुड़े अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। एजेंसी का दावा है कि जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि कथित अपराधों से कमाए गए पैसे को अलग-अलग संस्थाओं और लोगों के ज़रिए निवेश करके वैध दिखाने की कोशिश की गई, और इन्हीं पैसों से चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं। फिलहाल, ED ज़ब्त किए गए दस्तावेज़ों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। जांच के आधार पर, आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे और अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की उम्मीद है।
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