Bharti Sudhar Yatra Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के विरोध में छात्रों द्वारा शुरू की गई राज्य-व्यापी ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ राजधानी रांची में औपचारिक रूप से संपन्न हुई। यह यात्रा 18 दिनों तक चली, वही रांची में 18वें दिन करीब 7 किलोमीटर लंबी विशाल पदयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और आम लोग शामिल हुए।
Bharti Sudhar Yatra Ranchi: गांधी से बिरसा तक पहुंची भर्ती सुधार यात्रा
इस पदयात्रा की शुरुआत मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से हुई। जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद छात्र आगे बढ़े। यह जुलूस रेडियम रोड से होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पहुँचा, जहाँ शहीद और परमवीर चक्र से सम्मानित अल्बर्ट एक्का को श्रद्धांजलि दी गई।
छात्र नेता और ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अल्बर्ट एक्का चौक पर लोगों को संबोधित किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में छात्र और आम लोग मौजूद थे। वही ज्यादा भीड़ के कारण कुछ समय के लिए ट्रैफिक भी बाधित रहा।
वही सभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि भले ही छात्रों का सफर पूरा हो गया है, लेकिन आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राज्य सरकार को अपने वादों के मुताबिक, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से जुड़े सभी सबूत और प्रमाण कोर्ट के सामने मज़बूती से पेश करने चाहिए। साथ ही, उन्होंने मांग की कि सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए CBI जांच की सिफारिश करे।
देवेंद्र महतो बोले- यात्रा खत्म, आंदोलन नहीं
उन्होंने बताया कि छात्रों ने राज्य के सभी 24 ज़िलों का दौरा किया और नौकरी के लिए तैयारी कर रहे लोगों और आम जनता के बीच भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग ज़ोर-शोर से उठाई। अब सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह छात्रों की बात को गंभीरता से ले और ठोस कदम उठाए। अल्बर्ट एक्का चौक से शुरू हुई यह पदयात्रा कोकर स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मारक स्थल तक पहुँची। वहाँ श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ औपचारिक रूप से संपन्न हुआ।
गौर करने वाली बात है कि यह यात्रा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जन्मस्थान नेमरा से शुरू हुई थी। इस यात्रा के दौरान, झारखंड के सभी 24 ज़िलों में उम्मीदवारों और आम जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। रांची में हुई आखिरी पदयात्रा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया, जिनमें स्टेट लाइब्रेरी और सेंट्रल लाइब्रेरी के छात्र भी शामिल थे। देवेन्द्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ का समापन आंदोलन का अंत नहीं है। छात्रों के अधिकारों, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष जांच के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
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