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America Iran Deal: क्या मिडिल ईस्ट में खत्म होने जा रहा है दशकों पुराना संघर्ष?

US-Iran Deal: Is the decades-old conflict in the Middle East coming to an end?
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America Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हस्ताक्षर होने की संभावना है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर न्यूज़’ के अनुसार, 14 अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है। इनमें परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों से राहत, फ्रीज़ की गई संपत्ति की बहाली और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।

America Iran Deal: अमेरिका-ईरान डील के 14 बड़े पॉइंट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते में ईरान की फ्रीज़ की गई लगभग 24 अरब डॉलर की संपत्ति को जारी करना शामिल है। ईरान का दावा है कि बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इस रकम का आधा हिस्सा यानी 12 अरब डॉलर उसे मिल जाएगा। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने इस दावे को खारिज कर दिया है और साफ़ किया है कि किसी भी तरह की आर्थिक राहत तभी दी जाएगी जब ईरान समझौते की शर्तों का पालन करेगा।

प्रस्तावित समझौते के तहत, दोनों देश क्षेत्रीय तनाव कम करने पर भी सहमत हुए हैं। मुख्य प्रावधानों में लेबनान सहित कई मोर्चों पर सैन्य गतिविधियों को रोकना, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना शामिल है। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा ईरान के आंतरिक मामलों में दखल न देने और उसकी संप्रभुता का सम्मान करने का भी वादा किया गया है।

आज हो सकते हैं हस्ताक्षर

इस समझौते में परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी अहम बातें भी शामिल की गई हैं। परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत, ईरान ने फिर से कहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। वहीं, अमेरिका ने संकेत दिया है कि अगर ईरान अपने वादों पर कायम रहता है, तो उस पर लगाए गए कई आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है।

इस समझौते में बातचीत के लिए 60 दिन की एक खास अवधि तय की गई है, जिसके दौरान दोनों पक्ष अंतिम समझौते का खाका तैयार करेंगे। इस दौरान, अमेरिका इस क्षेत्र में न तो नए प्रतिबंध लगाएगा और न ही अतिरिक्त सैन्य बल तैनात करेगा। साथ ही, समझौते की निगरानी के लिए एक विशेष निगरानी तंत्र भी बनाया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है और जल्द ही इस पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि इस समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से फिर से खुल जाएगा, जिससे वैश्विक तेल बाजार को राहत मिल सकती है।

हालांकि, ईरान ने साफ़ कर दिया है कि अंतिम समझौता तभी हो पाएगा जब अमेरिका अपने वादों को पूरा करे। ऐसे में, अब पूरी दुनिया की नज़रें जिनेवा में होने वाली अहम बातचीत और संभावित समझौते पर टिकी हैं। अगर यह समझौता सफल होता है, तो यह मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।

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