RIMS Ranchi News: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ (RIMS) में मरीज़ों और उनके परिवारों को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों रुपये के बजट और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के दावों के बावजूद, अस्पताल की पुरानी इमारत में कई बुनियादी सुविधाएँ अभी भी अधूरी दिखती हैं।
RIMS Ranchi News: कॉमन टॉयलेट इस्तेमाल करने को मजबूर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, RIMS की पुरानी बिल्डिंग में मौजूद इमरजेंसी वार्ड के पास महिलाओं के लिए अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं है। इस वजह से महिला मरीज़ों और उनके साथ आए लोगों को पुरुषों के साथ कॉमन टॉयलेट का इस्तेमाल करना पड़ता है। दिन हो या रात, महिलाओं को अपनी ज़रूरतों के लिए इसी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे उनकी प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा होती हैं।
मरीजों के रिश्तेदारों का कहना है कि अस्पताल में रोज़ाना हज़ारों लोग आते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए सुविधाओं का पर्याप्त इंतज़ाम नहीं किया गया है। अस्पताल प्रशासन सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश करती है।
इसके अलावा, अस्पताल परिसर में पीने के पानी की सुविधाएँ संतोषजनक नहीं हैं। मरीज़ों और उनके साथ आने वाले लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए कई वॉटर डिस्पेंसर के आस-पास गंदगी दिखाई देती है, और कुछ जगहों पर पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंताएँ जताई जा रही हैं। नतीजतन, इलाज के लिए दूर-दराज़ के इलाकों से आने वाले लोगों को बाज़ार से बोतल बंद पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
यह अतिरिक्त खर्च गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। कई लोगों ने शिकायत की है कि अस्पताल में साफ पीने का पानी और साफ-सुथरे शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी ठीक से उपलब्ध नहीं हैं।
पीने के पानी से लेकर शौचालय तक अव्यवस्था
RIMS में हर दिन हज़ारों मरीज़ इलाज के लिए आते हैं। इसे देखते हुए, अस्पताल परिसर में साफ़ पानी, साफ़-सुथरे शौचालय और महिलाओं के लिए अलग सुविधाओं का होना ज़रूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि अस्पतालों में साफ़-सफ़ाई और बुनियादी सुविधाएँ मरीज़ों की बेहतर देखभाल के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
इस मामले पर बात करते हुए, RIMS के प्रवक्ता और फिजियोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिशिर कुमार महतो ने बताया कि प्रशासन को पीने के पानी की सप्लाई और महिलाओं के लिए अलग टॉयलेट न होने की समस्याओं के बारे में जानकारी दे दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोनों समस्याओं को हल करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही मरीज़ों और उनके साथ आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
फिलहाल, मरीज़ और उनके परिवार उम्मीद कर रहे हैं कि राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में जल्द ही बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ ज़रूरी सुविधाएँ भी मिलेंगी।
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