Patna School Closed: बिहार की राजधानी पटना में बढ़ती गर्मी और लू (हीटवेव) जैसे हालात को देखते हुए, ज़िला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए एक अहम फ़ैसला लिया है। ज़िला मजिस्ट्रेट डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। इसके तहत, 20 जून 2026 तक ज़िले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, प्री-स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में कक्षा 5 तक की पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
Patna School Closed: कक्षा 5 तक की पढ़ाई पर रोक
जारी आदेश के अनुसार, कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। इन कक्षाओं की पढ़ाई सुबह 10:30 बजे के बाद नहीं कराई जा सकती। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपने टाइम-टेबल और एकेडमिक प्रोग्राम में ज़रूरी बदलाव करें।
ज़िला प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि पिछले कुछ दिनों से पटना में तापमान लगातार सामान्य से ज़्यादा बना हुआ है। दोपहर के समय तेज़ धूप और गर्म हवाओं की वजह से हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्मी से जुड़ी दूसरी बीमारियों का ख़तरा बढ़ गया है। इसका सेहत पर, खासकर छोटे बच्चों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
प्रशासन का मानना है कि स्कूल आने-जाने और स्कूल परिसर में रहने के दौरान बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं। इसलिए, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कक्षाएं अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई हैं। यह आदेश 15 जून, 2026 से लागू हुआ और 20 जून, 2026 तक प्रभावी रहेगा।
आदेश में यह भी साफ़ किया गया है कि सभी स्कूलों को ज़िला प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। आदेश का पालन न करने वाले किसी भी शिक्षण संस्थान के ख़िलाफ़ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। मौसम विभाग ने राज्य के कई ज़िलों में गर्मी और लू (हीटवेव) की स्थिति को लेकर अलर्ट भी जारी किया है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बिना ज़रूरत घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों से खास सावधानी बरतने को कहा गया है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन सख्त
शिक्षा विभाग और ज़िला प्रशासन ने माता-पिता से अपील की है कि वे यह पक्का करें कि उनके बच्चे खूब पानी पिएं, हल्के सूती कपड़े पहनें और चिलचिलाती धूप में बाहर जाने से बचें। उन्हें यह सलाह भी दी गई है कि अगर कोई स्वास्थ्य समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ज़िला मजिस्ट्रेट डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा जारी इस आदेश को लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए एक अच्छी खबर के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबकी नज़रें बदलते मौसम और मॉनसून की गतिविधियों पर टिकी हैं, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
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