Darbhanga Nagar Nigam: दरभंगा नगर निगम की सेवाएं 30 जुलाई से बाधित हो सकती हैं। नगर निगम के कर्मचारियों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को मनवाने के लिए 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की घोषणा की है। हड़ताल से पहले, 29 जुलाई को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह आंदोलन राज्य फेडरेशन के आह्वान पर ‘संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि कर्मचारियों के इस फैसले से शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव और नगर निगम की अन्य कई जरूरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
Darbhanga Nagar Nigam: नगर निगम कर्मचारियों ने किया हड़ताल का ऐलान
सोमवार को नगर निगम ऑडिटोरियम में कर्मचारी संघ के स्थानीय पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की गई। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक विकास कुमार ने घोषणा की कि कर्मचारी 29 जुलाई को मशाल जुलूस निकालेंगे और अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। बैठक में पप्पू महतो, मुन्ना राम, बप्पी राम, मिथुन राम और शंकर राम बिहारी समेत कई कर्मचारी नेता मौजूद थे।
कर्मचारियों का कहना है कि जो दैनिक वेतनभोगी, अनुबंध पर काम करने वाले और अस्थायी कर्मचारी सालों से काम कर रहे हैं, उन्हें अभी तक नियमित नहीं किया गया है। उनकी मुख्य मांग नियमित नियुक्ति की है, जिससे सभी कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित हो सके। इसके अलावा, उन्होंने कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए प्रतिकूल आदेशों को वापस लेने की भी मांग की है।
दूसरी मुख्य मांग कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग सिस्टम को खत्म करने और सभी कर्मचारियों को नगर निकाय के कर्मचारियों का दर्जा देने की है। जब तक यह सिस्टम खत्म नहीं हो जाता, तब तक यह मांग की गई है कि ‘समान काम के लिए समान वेतन’ के सिद्धांत के आधार पर वेतन का भुगतान सीधे बैंक खातों में किया जाए।
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल
तीसरी मांग के तहत, कर्मचारियों ने ACP और MACP के फ़ायदों को बढ़ाने—जैसा कि राज्य सरकार के अन्य कर्मचारियों को मिलता है और बकाया राशि का तुरंत भुगतान करने की मांग की है।
कर्मचारी नेताओं के अनुसार, 5 जुलाई को हुई एक आम बैठक में कर्मचारियों के दो अलग-अलग संगठनों ने मिलकर एक ‘संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ बनाया। इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए 11 सदस्यों वाली एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है।
अगर यह हड़ताल लंबी खिंचती है, तो दरभंगा शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा उठाने और नगर निगम की दूसरी सेवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है। नतीजतन, आम नागरिकों को भी अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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