JPSC JSSC Transfer: झारखंड सरकार ने राज्य की दो अहम भर्ती संस्थाओं – झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) – में बड़े प्रशासनिक फेरबदल किए हैं। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, दोनों आयोगों में डेपुटेशन पर काम कर रहे सेक्शन अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। राज्य भर में कुल 89 सेक्शन अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं।
JPSC JSSC Transfer: 7 नए अधिकारियों की हुई तैनाती
नोटिफिकेशन के अनुसार, JPSC में डेप्युटेशन पर काम कर रहे पांच सेक्शन अधिकारियों को हटाकर दूसरे विभागों में ट्रांसफर कर दिया गया है। इनमें धर्मजीत कुमार साहू, नूपुर कुमारी, रितेश कुमार अग्रहरी, शिव शंकर प्रसाद और सौरभ सिंह शामिल हैं। फिलहाल, सरकार ने JPSC में किसी नए सेक्शन अधिकारी को डेप्युटेशन पर नियुक्त नहीं किया है। इस बीच, JSSC से छह सेक्शन अधिकारियों का भी तबादला किया गया है। इनमें सुधीर लकड़ा, सुकरा भगत, इनोसेंट टुडू, चंद झा, स्नेह राज रवि और प्रेम कुमार शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को अलग-अलग विभागों में नई ज़िम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।
JSSC में खाली पदों को तुरंत भरने के साथ-साथ, सरकार ने सात नए सेक्शन ऑफिसर भी नियुक्त किए हैं। इनमें कुमार भास्कर, कृष्ण कुमार हांसदा, राहुल कुमार, सुदीप्तो बोस, अमित कुमार डे, ओम प्रकाश राणा और कुमारी रश्मि शामिल हैं। उम्मीद है कि इन अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद आयोग के प्रशासनिक कामकाज में और तेज़ी आएगी। सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन अधिकारियों का तबादला हुआ है, उन्हें 20 अगस्त से पहले उनके मौजूदा पदों से रिलीव कर दिया जाए। आदेश में यह साफ़ किया गया है कि अगर किसी अधिकारी को तय तारीख़ तक रिलीव नहीं किया जाता है, तो 20 अगस्त की दोपहर के बाद उन्हें अपने-आप रिलीव मान लिया जाएगा और तबादले का आदेश अपने-आप लागू हो जाएगा।
सरकार ने 89 अधिकारियों का किया तबादला
गौरतलब है कि हाल के महीनों में JPSC और JSSC कमीशन, भर्ती परीक्षाओं, नियुक्ति प्रक्रियाओं और उनसे जुड़े विवादों की वजह से चर्चा में रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर किए गए इस बड़े फेरबदल को इन कमीशन के कामकाज को ज़्यादा असरदार और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, हालांकि सरकार ने इन तबादलों की कोई खास वजह नहीं बताई है। अब सबकी नज़रें इस बात पर होंगी कि इन बदलावों का असर रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाओं और कमीशन की कामकाज की क्षमता पर क्या पड़ता है।
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