Deoghar Shravani Mela: दुनिया भर में मशहूर श्रावणी मेला 2026 के लिए, देवघर नगर निगम ने भगवान शिव के भक्तों की सेवा के लिए एक अनोखी और सराहनीय पहल की है। इस साल, सुल्तानगंज से गंगा का पवित्र जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक आने वाले लाखों कांवड़ियों का स्वागत गुलाब जल की खुशबूदार फुहारों से किया जा रहा है। पूरे कांवड़िया मार्ग पर गुलाब जल का छिड़काव करने के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे तीर्थयात्रियों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल रही है और उनकी यात्रा कहीं ज़्यादा सुखद बन रही है।
Deoghar Shravani Mela: गुलाब जल से हुआ कांवरियों का स्वागत
इस खास इंतज़ाम की शुरुआत मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों की मौजूदगी में की गई। जैसे ही कांवड़ियों पर गुलाब जल की बौछार होती है, पूरा माहौल “बोल बम,” “हर-हर महादेव” और “जय शिव” के जयकारों से गूंज उठता है। श्रद्धालुओं ने इस पहल की बहुत तारीफ़ की और कहा कि इससे उन्हें अपनी यात्रा के दौरान ताज़गी और ऊर्जा का एहसास होता है।
नगर आयुक्त सुलोचना मीना ने कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, नगर निगम लगातार नए उपाय लागू कर रहा है। गुलाब जल का छिड़काव इन्हीं प्रयासों का हिस्सा है, जिसका मकसद श्रद्धालुओं को न केवल बेहतर सुविधाएँ देना है, बल्कि उन्हें एक सुखद और यादगार आध्यात्मिक अनुभव भी प्रदान करना है।
राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के तीसरा दिन प्रातः 04:15 बजे मंदिर का पट खुलते ही जलार्पण शुरू हो गया। शिवभक्तों की गूंज से रूट लाईन गुंजायमान है और सभी कांवरिया कतारबद्ध हो बाबा का जयघोष करते हुए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।#ShravaniMela2026#babadhaam@JharkhandCMO @prdjharkhand pic.twitter.com/Ly02mn7Aoj
— DC Deoghar (@DCDeoghar) August 1, 2026
श्रावणी मेले के दूसरे दिन, बाबा बैद्यनाथ धाम पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति में डूबा हुआ नज़र आया। सुबह मंदिर के दरवाज़े खुलने के बाद, रोज़ाना होने वाली ‘सरदारी पूजा’ की गई, जिसकी शुरुआत ‘कांचा जल’ की रस्म और वैदिक मंत्रों के उच्चारण से हुई। इसके बाद, सुबह 4:00 बजे आम भक्तों द्वारा पवित्र जल चढ़ाने का सिलसिला शुरू हुआ और दिन भर शिव भक्तों की लंबी कतारें आशीर्वाद लेने और ‘जलाभिषेक’ (देवता को जल से स्नान कराने की रस्म) करने के लिए आती रहीं।
दूसरे दिन 1.05 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
मंदिर प्रशासन द्वारा लागू कूपन सिस्टम और अंदरूनी व बाहरी अर्घ (पूजा-स्थल) के लिए अच्छी व्यवस्थाओं की वजह से श्रद्धालुओं को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। प्रशासन के अनुसार, दूसरे दिन कुल 1,05,179 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया।
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इनमें से 81,985 श्रद्धालुओं ने आंतरिक अर्घा के ज़रिए जल अर्पित किया, 19,472 ने बाहरी अर्घा से जल चढ़ाया, जबकि 3,722 लोगों ने ‘शीघ्र दर्शन’ (जल्दी दर्शन करने की सुविधा) का लाभ उठाया। ये आँकड़े बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और श्रावणी मेले की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाते हैं।
प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा, साफ़-सफ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं, पीने के पानी की सप्लाई, ट्रैफ़िक कंट्रोल और भीड़-भाड़ के प्रबंधन पर ख़ास ध्यान दिया जाएगा, ताकि हर शिव भक्त सुरक्षित और आसानी से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर सके।
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