Sujit Sinha Encounter: झारखंड के सबसे कुख्यात अपराधियों में से एक सुजीत सिन्हा रविवार रात जामताड़ा ज़िले में गोविंदपुर-साहिबगंज रोड पर केनेबेदा जंगल के पास पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचकर जाँच कर रहे हैं, जबकि फोरेंसिक टीम घटनास्थल से सबूत इकट्ठा कर रही है।
Sujit Sinha Encounter: जेल शिफ्टिंग के दौरान हुआ एनकाउंटर
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सुजीत सिन्हा को साहिबगंज जेल से धनबाद जेल ले जाया जा रहा था। रात करीब 9 बजे जामताड़ा इलाके में कैदियों को ले जा रही वैन का टायर पंचर हो गया। उसी समय, उसके गैंग के कुछ सदस्य वहां पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि इस दौरान सुजीत सिन्हा ने एक पुलिसकर्मी से राइफल छीन ली और भागने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, आत्मरक्षा और आरोपी को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। हालाँकि, इस खबर को लिखे जाने तक पुलिस ने पूरी घटना के बारे में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था। अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी जानकारी दी जाएगी।
75 से अधिक मामलों में था आरोपी
सुजीत सिन्हा मूल रूप से पलामू का रहने वाला था और झारखंड पुलिस के रिकॉर्ड में राज्य के सबसे सक्रिय संगठित अपराधियों में से एक के तौर पर दर्ज था। उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, लेवी वसूलना, आर्म्स एक्ट का उल्लंघन, आपराधिक साजिश और संगठित अपराध जैसे आरोपों के तहत लगभग 75 आपराधिक मामले दर्ज थे।
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पुलिस के अनुसार, उसका नेटवर्क पलामू, गढ़वा, लातेहार, रांची, धनबाद और चतरा समेत कई ज़िलों में फैला हुआ था। उस पर कोयला व्यापार, सड़क निर्माण, ट्रांसपोर्ट, पत्थर तोड़ने और कॉन्ट्रैक्टिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़े कारोबारियों से जबरन वसूली करने के आरोप भी थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि जेल में रहने के दौरान भी वह अपना गैंग चलाता रहा। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि जेलों के बीच ले जाते समय उसके साथी उसे छुड़ाने की कोशिश कर सकते हैं; इसलिए, सुरक्षा के खास इंतज़ाम किए गए थे। फिलहाल, पुलिस घटनास्थल से मिले सबूतों, पुलिसकर्मियों के बयानों और अन्य तथ्यों के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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