Student Protest Ranchi: झारखंड में JPSC और JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार और छात्र संगठनों के बीच चल रहे विवाद के जल्द खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। शनिवार को सरकारी प्रतिनिधियों और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुई उच्च-स्तरीय बैठक का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बातचीत बेनतीजा रहने के बाद, छात्र संगठनों ने अब अपने आंदोलन को और तेज़ करने का ऐलान किया है। बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी मांगें दो श्रेणियों में रखीं।
वही अल्पकालिक मांगों में JPSC, APP, JPSC बैकलॉग (2023 और 2025), JTET 2026, ACF और FRO जैसी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग शामिल है। छात्रों का आरोप है कि इन परीक्षाओं के आयोजन में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं और उन्होंने इन परीक्षाओं को आयोजित करने में एक विवादित कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। इस बीच, छात्र लंबे समय से JPSC और JSSC परीक्षा नियमों में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। छात्र संगठनों का तर्क है कि भर्ती को लेकर भविष्य में होने वाले विवादों को रोकने के लिए परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, स्पष्ट और मजबूत बनाया जाना चाहिए।
Student Protest Ranchi: 10 अगस्त को विधानसभा घेराव
बेनतीजा बातचीत के बाद, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने 10 अगस्त को रांची में विधानसभा तक मार्च करने और उसे घेरने का ऐलान किया है। संगठन ने छात्रों से अपील की है कि वे 8 और 9 अगस्त से बस और ट्रेन से रांची पहुंचें। प्रदर्शनकारी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में इकट्ठा होंगे। मंच ने दावा किया है कि पहले भी कुछ बसें रोकी गई थीं। इसे देखते हुए छात्रों से रांची जल्दी पहुँचने की अपील की गई है। संगठन ने राज्य के सभी 24 ज़िलों के छात्रों से वहाँ पहुँचने का आग्रह किया है।
सरकार ने कहा- समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहे
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न छात्र संगठनों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है और छात्रों, अभिभावकों, उम्मीदवारों, शिक्षाविदों, वकीलों और नागरिक समाज से सुझाव मांगे गए हैं। मंत्री के अनुसार, सरकार बातचीत, जांच और सुधार की प्रक्रिया के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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AISA ने भी लगाया टेंट
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच, AISA ने भी अपना अलग टेंट लगाया है। संगठन के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि अलग टेंट लगाने का मकसद आंदोलन को कमज़ोर करना नहीं है। संगठन JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और छात्रों के हितों की रक्षा की मांगों का समर्थन करता है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
JPSC कंबाइंड सिविल सर्विसेज़ प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन ने JPSC और JSSC परीक्षाओं की जाँच की माँग करते हुए एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। हालाँकि, अभी तक इस याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया है। अब सबकी नज़रें 10 अगस्त को विधानसभा के प्रस्तावित घेराव पर टिकी हैं और यह देखना अहम होगा कि सरकार और छात्र संगठनों के बीच कोई समाधान निकलता है या आंदोलन और तेज़ होता है।
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