Jharkhand Van Mahotsav 2026: मंगलवार को झारखंड विधानसभा परिसर में 77वें राज्य-स्तरीय वन महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में विधायक कल्पना सोरेन समेत कई जन-प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। इस उत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान यहां के जलाशयों, जंगलों, पहाड़ियों, नदियों और प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों से है। जंगल और प्रकृति राज्य के लोगों के जीवन और संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। इसलिए, पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
Jharkhand Van Mahotsav 2026: सिर्फ पौधा लगाना काफी नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव जैसे आयोजन लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास कराते हैं। सिर्फ़ पौधा लगाना ही काफ़ी नहीं है; लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा भी उतनी ही ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आज से ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। राज्य सरकार वन संरक्षण को मजबूत करने, हरित क्षेत्र का विस्तार करने, जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रही है।
झारखण्ड विधानसभा के अध्यक्ष श्री @Rabindranathji की अध्यक्षता में आयोजित 77वें वन महोत्सव 2026 में मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM शामिल हुए। पिछले वर्ष के सैटेलाइट अध्ययन से यह सिद्ध हुआ है कि झारखण्ड में लगभग 5,500 हेक्टेयर क्षेत्र में वनों की वृद्धि हुई है।@JharkhandVan pic.twitter.com/F1QkZdyIzw
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) August 11, 2026
जल संकट को लेकर सीएम ने किया अलर्ट
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भविष्य में पानी के संभावित संकट को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत समेत पूरी दुनिया को पानी की कमी की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, अभी से ही रेनवाटर हार्वेस्टिंग और जल संरक्षण पर गंभीरता से काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाएं और भूजल के स्तर को बढ़ाने के लिए बारिश के पानी को इकट्ठा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के साथ ऐसा संतुलित रिश्ता बनाए रखना ज़रूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रह सकें।
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पौधों की देखभाल के लिए विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वृक्षारोपण अभियान के साथ-साथ पौधों की देखभाल के लिए एक विशेष अभियान भी शुरू करें। उन्होंने पौधों में खाद डालने, उन्हें पोषण देने और उनकी नियमित देखभाल के लिए खास तारीखें तय करने के महत्व पर ज़ोर दिया।
विधायकों के आवासीय परिसर में लगेंगे फलदार पौधे
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधायकों के रिहायशी परिसरों में भी फलदार पेड़ लगाए जाएं। हरियाली को बढ़ावा देने के लिए सभी विधायकों को फलदार पौधे उपलब्ध कराने और उन्हें लगाने की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने वन महोत्सव के उद्देश्य और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने स्वागत भाषण दिया। मुख्यमंत्री के संदेश का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को केवल एक सरकारी अभियान से बदलकर जन-भागीदारी पर आधारित आंदोलन बनाना था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि झारखंड की हरियाली और प्राकृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहे।
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