Jharkhand Politics: झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र तय समय से एक दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार गतिरोध के बाद कार्यवाही स्थगित करने का यह फैसला लिया गया। संसदीय कार्य मंत्री के अनुरोध पर, विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। अध्यक्ष ने कहा कि भारी मन से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
Jharkhand Politics: छात्रों के मुद्दे पर सदन में हंगामा
दिन भर चली कार्यवाही के दौरान, विपक्ष ने JPSC-JSSC परीक्षाओं और छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार को लगातार घेरा। जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार का पक्ष रख रहे थे, तब भी BJP विधायक सदन के बीचों-बीच (वेल में) आ गए और नारे लगाते रहे। इस हंगामे के बीच, मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट करने में लगभग 15 मिनट का समय लिया। लंच ब्रेक के बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, बीजेपी विधायक सीपी सिंह की एक टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा मच गया। इसके बाद, बीजेपी विधायक सदन के बीचों-बीच (वेल में) आ गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे।
हेमंत सोरेन का BJP पर हमला
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी छात्र आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ विपक्ष के पास जो भी थोड़ी-बहुत ताकत बची है, वह भी खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने परीक्षा से जुड़ी कंपनी TDPL पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, यह कंपनी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित है और सरकार को परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मामलों की जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं है।
500 रुपये के नोटों का बंडल लहराने पर हंगामा
जब मुख्यमंत्री भाषण दे रहे थे, तब विपक्ष के विधायक लगातार नारे लगा रहे थे, इसी दौरान बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने सदन में ₹500 के नोटों की गड्डी लहराई। उन्होंने सरकार पर पैसे के बदले नौकरियां बेचने का आरोप लगाया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह पैसे के दम पर लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक से सदन का माहौल और भी गरमा गया।
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JPSC-JSSC पर सरकार का क्या रुख?
छात्र आंदोलन के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का इरादा साफ़ है। उन्होंने बताया कि सरकार 14वीं JPSC परीक्षा और 2023 व 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को लेकर अपना रुख पहले ही साफ़ कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार के लिए सरकार के सुझावों पर आंदोलनकारी छात्र सहमत हो गए हैं। सरकार का कहना है कि भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में सुधार करना और युवाओं के हितों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकताएं हैं।
हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ सत्र
JPSC-JSSC विवाद को लेकर बढ़ते राजनीतिक गतिरोध के बीच, विधानसभा की कार्यवाही आखिरकार अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। अब सबकी नज़रें छात्रों के आंदोलन, भर्ती परीक्षाओं की जांच और JPSC व JSSC में सुधारों को लेकर सरकार के अगले कदमों पर टिकी होंगी।
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