Dhanbad MP MLA Court: गाली-गलौज करने और धमकी देने के आरोपों से जुड़े मामले में चार आरोपियों, जिनमें डुमरी के विधायक और JLKM प्रमुख जयराम महतो भी शामिल हैं उन सभी लोगों को अग्रिम ज़मानत याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई होनी है। सबकी नज़रें इस सुनवाई पर टिकी हैं, जो धनबाद की MP-MLA कोर्ट में होगी।
सोमवार को धनबाद में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अग्रिम ज़मानत याचिका को सुनवाई के लिए विशेष MP-MLA अदालत में स्थानांतरित कर दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता शाहनवाज़ ने आरोपी का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि अग्रिम ज़मानत याचिका पर सुनवाई मंगलवार को होनी है।
Dhanbad MP MLA Court: जयराम महतो समेत 4 आरोपियों की जमानत पर सुनवाई
जयराम महतो के अलावा, सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल ने भी अग्रिम ज़मानत के लिए कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। यह मामला बरवाअड्डा थाना के केस नंबर 146/26 से जुड़ा है। स्टेशन इंचार्ज रवि कुमार के बयान के आधार पर 22 अगस्त, 2026 को बरवाड्डा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में अन्य समर्थकों में जयराम महतो, सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, महेंद्र साव, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो और त्रिपुरारी पांडे के नाम शामिल हैं।
पुलिस FIR के मुताबिक, गणेश दास को एक मामले में गिरफ़्तार किया गया था और उन्हें बरवाड्डा पुलिस स्टेशन के लॉक-अप में रखा गया था। गिरफ़्तारी की खबर मिलने पर, जयराम महतो लगभग 40 से 50 समर्थकों के साथ थाने पहुँचे। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान विधायक ने पुलिस अधिकारियों के साथ बदतमीज़ी की और अपने समर्थकों को गणेश दास को लॉक-अप से बाहर निकालने का निर्देश दिया।

FIR के मुताबिक, कुछ समर्थक लॉक-अप की तरफ़ बढ़ने लगे। उन्हें रोकने की कोशिश के दौरान, बरवाअड्डा थाना थाना प्रभारी (SHO) ने आरोप लगाया कि जयराम महतो ने उन्हें धक्का दिया। इसके बाद थाना प्रभारी के ऑफ़िस के अंदर पुलिस अधिकारियों और समर्थकों के बीच हाथापाई और गाली-गलौज हुई।
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MP-MLA कोर्ट में क्या होगा फैसला?
पुलिस का आरोप है कि इस घटना के दौरान दिलीप चौधरी ने थाना प्रभारी (SHO) की डेस्क पर मुक्का मारा और वहाँ रखी नेमप्लेट तोड़ दी। पुलिस के मुताबिक, थाने के अंदर हुए हंगामे से सरकारी कामकाज में बाधा पड़ी और पुलिसकर्मियों को अपनी ड्यूटी करने से रोका गया।
अब सबकी नज़रें इस मामले पर कोर्ट के फ़ैसले पर टिकी हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मंगलवार को होने वाली सुनवाई पर सबकी नज़र है कि कोर्ट जयराम महतो समेत चार आरोपियों की अग्रिम ज़मानत याचिकाओं पर क्या फ़ैसला सुनाता है। हालाँकि, FIR में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद ही हो पाएगी।
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