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Nepal Flood 2026: नेपाल की विनाशकारी बाढ़ से बिहार-झारखंड में बढ़ी चिंता

नेपाल में ग्लेशियर फटने से आई भयानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। भोटे कोशी नदी में पानी के अचानक और तेज़ बहाव के कारण नेपाल के कई इलाकों में जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जहाँ कुछ लोगों की मौत की खबर है, वहीं बड़ी संख्या में लोग लापता भी हैं।

Nepal Flood 2026: नेपाल की विनाशकारी बाढ़ से बिहार-झारखंड में बढ़ी चिंता
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Nepal Flood 2026: नेपाल में ग्लेशियर फटने से आई भयानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। भोटे कोशी नदी में पानी के अचानक और तेज़ बहाव के कारण नेपाल के कई इलाकों में जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जहाँ कुछ लोगों की मौत की खबर है, वहीं बड़ी संख्या में लोग लापता भी हैं। इस प्राकृतिक आपदा को देखते हुए बिहार और झारखंड का प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है।

नेपाल में बाढ़ का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ने की आशंका है। गंडक नदी से प्रभावित बिहार के आठ ज़िलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर और आस-पास के इलाकों पर नज़र रख रहा है।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को नेपाल की भोटे कोशी नदी में पानी का बहाव अचानक और बहुत तेज़ी से बढ़ गया। कुछ ही समय में बाढ़ ने कई कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घरों, गाड़ियों और ज़रूरी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। कई पुल बह गए हैं और पनबिजली परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं।

बिहार-झारखंड में बढ़ी चिंता

जानकारों के मुताबिक, इस अचानक आई बाढ़ की वजह ग्लेशियर से जुड़ी कोई घटना या हिमस्खलन हो सकती है। हालांकि, इस आपदा की असली वजह की पुष्टि संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही हो पाएगी। भारत ने नेपाल को मानवीय सहायता और आपदा राहत का सामान भी भेजा है।

इस बीच, नेपाल में मची तबाही के चलते झारखंड और बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। झारखंड के साहिबगंज ज़िले में प्रशासन गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर पर कड़ी नज़र रखे हुए है। प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें लगातार दियारा (नदी के किनारे वाले) इलाकों का दौरा कर रही हैं और लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील कर रही हैं।सदर प्रखंड के कारगिल दियारा इलाके में गंगा नदी के किनारे कटाव की स्थिति भी गंभीर बताई जा रही है। खबरों के अनुसार, कई घर प्रभावित हुए हैं और कुछ घर तो नदी में समा भी चुके हैं। दियारा इलाके में जलस्तर बढ़ने के साथ ही कुछ परिवारों ने सुरक्षित जगहों पर जाना शुरू कर दिया है।

नेपाल में बाढ़ आते ही बिहार क्यों रहता है अलर्ट?

नेपाल में बाढ़ का असर सिर्फ़ उसी देश तक सीमित नहीं रहता, क्योंकि बाढ़ का पानी नदियों के ज़रिए भारत और बिहार तक पहुँचता है। आसान शब्दों में कहें तो: तिब्बत से निकलने वाली भोटे कोशी नदी त्रिशूली नदी प्रणाली में मिल जाती है, इसके बाद त्रिशूली नदी नेपाल के कई इलाकों से होकर बहती है और देवघाट के पास काली गंडकी नदी में मिल जाती है। इस जगह के बाद से नदी को नारायणी के नाम से जाना जाता है। भारत में प्रवेश करने पर इसे गंडक नदी कहा जाता है। बिहार के मैदानी इलाकों से बहते हुए गंडक नदी हाजीपुर-सोनपुर के पास गंगा नदी में मिल जाती है।

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फिलहाल, नेपाल से आने वाली बाढ़ ने बिहार और झारखंड प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। नदियों के जलस्तर पर लगातार नज़र रखी जा रही है। प्रशासन का मकसद है कि अगर जलस्तर बढ़ता है तो लोगों को समय रहते सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव के इंतज़ाम तैयार रखे जाएं।

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Anjali Singh

Anjali Singh is a distinguished Dhanbad-based journalist and the Sampadak (Editor) of Mithila Top. Covering politics, society, education, and entertainment, she is celebrated for her signature writing style... masterfully translating complex current affairs into lucid, precise, and engaging narratives. Committed to factual accuracy, Anjali remains a trusted, influential, and resonant voice in regional journalism.

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