BPSC Student Protest: मंगलवार को पटना में उम्मीदवारों ने 70वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा और सब-इंस्पेक्टर के पद (1,799 वैकेंसी) के लिए बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की मुख्य परीक्षा को रद्द करने और उन्हें दोबारा आयोजित करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र JP गोलंबर के पास जमा हुए और सरकार के खिलाफ नारे लगाए, प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और पोस्टर थे। जिन पर लिखा था “ना परीक्षा में खेल चलेगा, ना भविष्य से खिलवाड़ चलेगा।”
BPSC Student Protest: 1799 दरोगा भर्ती परीक्षा पर उठे सवाल
विरोध कर रहे उम्मीदवार दोनों परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो परीक्षाएं रद्द कर दी जानी चाहिए और सभी उम्मीदवारों के लिए दोबारा आयोजित की जानी चाहिए। उम्मीदवार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर की मांग कर रहे हैं।
विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए जेपी गोलंबर के पास बैरिकेड्स लगाए थे। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर बैरिकेड्स गिर गए। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ उम्मीदवार बैरिकेड्स पर चढ़ते और नारे लगाते हुए देखे गए।
उम्मीदवार मुख्यमंत्री आवास और राजभवन की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। हालात को देखते हुए गांधी मैदान के पास 200 से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इस बीच डाकबंगला क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बैरिकेड्स लगाकर सड़क को बंद कर दिया गया। यह मामला BPSSC की ओर से आयोजित सब-इंस्पेक्टर मुख्य परीक्षा से भी जुड़ा है। आयोग ने 1,799 पुलिस सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती के लिए मई 2026 में मुख्य लिखित परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा में लगभग 35,857 उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद, कुछ केंद्रों से गड़बड़ी और प्रश्न-पत्र से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें सामने आईं।
पटना में छात्र और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की
खबरें आईं कि पूर्णिया के सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल में 27 मई को हुई परीक्षा के प्रश्न पत्र की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पुलिस जांच के दौरान शिक्षक मृत्युंजय कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, परीक्षा खत्म होने के बाद शिक्षक ने प्रश्न पत्र की तस्वीर ली और उसे एक रिश्तेदार को भेज दिया।
इसके बाद, आर्थिक अपराध इकाई यानी (EOU) ने इस मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि प्रश्न पत्र/बुकलेट की तस्वीरें हासिल कर ली गई थीं, और EOU ने BPSSC से इन तस्वीरों की प्रमाणिकता और स्रोत के बारे में जवाब मांगा है। उम्मीदवारों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और दोनों परीक्षाओं को रद्द करके उन्हें दोबारा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।
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