Bihar Cabinet Decision: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। बैठक में अलग-अलग विभागों से जुड़े फ़ैसलों को मंज़ूरी मिली। इनमें बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय, पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना, पशुपालकों के लिए ‘गो-धन विकास’ लोन स्कीम और वारिसलीगंज में नई चीनी मिल लगाने जैसे अहम फ़ैसले शामिल थे।
Bihar Cabinet Decision: बेगूसराय में बनेगा दिनकर विश्वविद्यालय
राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती के अवसर पर, मंत्रिपरिषद ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंज़ूरी दे दी है। विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन जैसे खर्चों के लिए ₹15 करोड़ की राशि की प्रशासनिक मंज़ूरी दी गई है। बिहार सरकार ने पहले बेगूसराय में दिनकर के नाम पर एक यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की थी। जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस यूनिवर्सिटी को उच्च शिक्षा, रिसर्च और साहित्य के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय
कैबिनेट ने पटना में ‘माँ सीता महिला विश्वविद्यालय'(Maa Sita Mahila University) की स्थापना को भी मंज़ूरी दे दी है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन और अन्य भत्तों के लिए प्रशासनिक मंज़ूरी भी दे दी गई है। इस पहल से बिहार में महिलाओं पर केंद्रित उच्च शिक्षा के लिए एक नया संस्थागत विकल्प तैयार होगा।
पशुपालकों को ब्याज पर 100% सब्सिडी
कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना’ के तहत पशुपालकों को बैंक लोन के ब्याज पर 100% सब्सिडी देने का फ़ैसला किया है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को सिर्फ़ मूल राशि (प्रिंसिपल अमाउंट) ही चुकानी होगी। इस पहल का मकसद बेहतर नस्ल की तीन गायों या दो भैंसों के पालन-पोषण में मदद करके दूध के उत्पादन को बढ़ाना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ₹1,600 करोड़ से ज़्यादा के खर्च वाली इस योजना को मंज़ूरी दे दी गई है।
वारिसलीगंज में नई चीनी मिल
कैबिनेट ने नवादा के वारिसलीगंज में एक नई चीनी मिल लगाने को भी मंज़ूरी दे दी है। इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट में ₹500 करोड़ से ज़्यादा का निवेश होगा। इससे नवादा के साथ-साथ नालंदा, शेखपुरा और जमुई के गन्ना किसानों को भी फ़ायदा होने की उम्मीद है। बिहार सरकार पहले भी राज्य में पुरानी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और नई मिलें लगाने की दिशा में काम करने की बात कह चुकी है।
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