Women reservation bill: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, JMM सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी। मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी।
महिला आक्रोश मार्च में उमड़ा जनसैलाब
चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया। इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई।
मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है।
विपक्ष पर BJP का तीखा हमला
अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया। इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है।
विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए। देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा।
महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है। फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा।
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आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।
महिला आक्रोश मार्च में बीजेपी नेता हुए शामिल
कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता, अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।
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