Mid Day Meal Scam: यह बिहार है, यहां कुछ भी हो सकता है। दरभंगा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने “यह बिहार है, यहां कुछ भी हो सकता है” कहावत को सच साबित कर दिया है। सदर ब्लॉक के दुलारपुर पंचायत के रुचोल गांव के सरकारी मिडिल स्कूल के हेडमास्टर पर बच्चों के मिड-डे मील के चावल चुराकर बेचने का आरोप लगा है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और जांच शुरू कर दी गई है। हमारा चैनल वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
जानकारी के मुताबिक, स्कूल के हेडमास्टर विदेश्वर साह कथित तौर पर मिड-डे मील स्कीम के चावल की बोरियां बेचने के लिए ले जा रहे थे। गांववालों ने उन्हें देख लिया। चश्मदीदों के मुताबिक, हेडमास्टर चावल की बोरियां कहीं ले जा रहे थे। गांववालों को शक हुआ और उन्होंने इस घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
Mid Day Meal Scam: हेडमास्टर का VIDEO वायरल
वीडियो वायरल होने के बाद, स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। गांववालों का कहना है कि यह शर्मनाक है कि बच्चों के खाने के अनाज से भी ऐसी चोरी हो रही है। लोगों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वायरल वीडियो की जानकारी मिलने पर ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर राजेश कुमार ने MDM इंचार्ज को जांच के लिए भेजा। जांच के दौरान अधिकारियों ने वीडियो की जांच की और मामला सही पाया। जांच अधिकारी दीपमाला ने हेडमास्टर से पूछताछ की और उनके व्यवहार पर नाराजगी जताई।
जांच में स्कूल के मैनेजमेंट में कई गंभीर गड़बड़ियां भी सामने आईं। बताया जा रहा है कि स्कूल में सरकारी बेंच और डेस्क नहीं थे, और आरोप है कि कुछ बेच दिए गए थे। इसके अलावा, बच्चों को दिए जाने वाले स्कूल बैग कई स्टूडेंट्स तक नहीं पहुंचे हैं। गांववालों और पेरेंट्स का कहना है कि अगर कोई टीचर, जिस पर बच्चों को नैतिकता और ईमानदारी सिखाने की जिम्मेदारी है, वह ऐसा व्यवहार करे, तो यह एजुकेशन सिस्टम के लिए बहुत चिंता की बात है।
Mid Day Meal Scam: गांववालों ने पकड़ लिया
दरभंगा एजुकेशन डिपार्टमेंट ने मामले को गंभीरता से लिया है और डिटेल में जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आरोप सही पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित हेडमास्टर के खिलाफ सख्त डिपार्टमेंटल एक्शन लिया जाएगा। इस घटना ने एजुकेशन सिस्टम की निगरानी और ट्रांसपेरेंसी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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जिला एजुकेशन ऑफिसर विद्यानंद ठाकुर ने कहा कि वायरल वीडियो उनके ध्यान में आया है। एक जांच टीम बनाई गई है। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही पाए गए तो टीचर के खिलाफ सख्त डिपार्टमेंटल एक्शन लिया जाएगा। यह मामला एजुकेशन डिपार्टमेंट के काम करने के तरीके और अकाउंटेबिलिटी पर गंभीर सवाल उठा रहा है।
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