Jharkhand Investment Summit: झारखंड में निवेश और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के मकसद से आयोजित दो दिवसीय ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन‘ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निवेशकों के सामने राज्य के भविष्य का विज़न पेश किया। नई दिल्ली के ताज होटल में हुए इस कार्यक्रम में देश-विदेश के उद्योगपतियों, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
Jharkhand Investment Summit: ‘कॉपी-पेस्ट नहीं, अपने मॉडल पर चलेगा झारखंड’
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान अब सिर्फ़ खनन-आधारित राज्य के तौर पर नहीं होगी, बल्कि यह टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और समावेशी विकास के केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ बौद्धिक संपदा और आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके राज्य को आगे बढ़ाया जाए।
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान सिर्फ़ उसकी खदानों से नहीं, बल्कि वहाँ के लोगों के हुनर और विज़न से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की कोशिशों से झारखंड को पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम जैसे ग्लोबल मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का मौका मिला है और भविष्य में यह राज्य ग्लोबल निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की राह पर है।
आज नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय National Stakeholders Consultation में शामिल हुआ हूं।#Vision2050 के तहत उद्योग प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा और कई MoUs भी साइन किए जायेंगे।
इस ऐतिहासिक अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। https://t.co/LixiPuhmkS— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 8, 2026
मुख्यमंत्री ने राज्य की खनिज संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड के पास यूरेनियम और माइका (अभ्रक) जैसे रणनीतिक महत्व के खनिजों का विशाल भंडार है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में मौजूद यूरेनियम देश की जरूरतों को कई दशकों तक पूरा करने की क्षमता रखता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इन क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक के उपयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
हेमंत सोरेन ने निवेशकों के सामने रखा रोडमैप
निवेशकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ़ निवेश के बजाय लंबे समय की साझेदारी चाहती है। राज्य अपनी भौगोलिक और सामाजिक स्थितियों के अनुकूल विकास मॉडल अपनाएगा और किसी दूसरे राज्य के मॉडल की नकल नहीं करेगा।
मुख्यमंत्री ने झारखंड के भविष्य के लिए पर्यटन, IT, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास को मुख्य क्षेत्रों के तौर पर पहचाना। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विश्व-स्तरीय बुनियादी ढांचे, भरोसेमंद बिजली, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेशकों के अनुकूल नीतियों पर तेज़ी से काम कर रही है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के 14 ज़िलों में बड़े पैमाने पर माइनिंग का काम होता है; हालाँकि, सरकार अब पानी, जंगल और ज़मीन के संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों के वैज्ञानिक इस्तेमाल पर ज़ोर दे रही है। उनका मानना है कि संतुलित विकास और आधुनिक तकनीक के ज़रिए, झारखंड देश की औद्योगिक और आर्थिक तरक्की में और भी अहम भूमिका निभाएगा।
यह भी पढ़ें:


















