JPSC JSSC Protest: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध अभी भी बना हुआ है। छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दिनों तक चली लंबी बैठकों के बावजूद, किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन पाई। बेनतीजा रही इन बैठकों के बाद, सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्रियों ने पूरे मामले की जानकारी देने के लिए सूचना भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अपील की कि वे अपना आंदोलन वापस ले लें और 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रद्द कर दें। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों का समाधान खोजने की हर संभव कोशिश की है, लेकिन छात्र प्रतिनिधि अभी भी असंतुष्ट हैं।
JPSC JSSC Protest: 14वीं JPSC पर CID जांच, ED को भी पत्र
मंत्री ने बताया कि सरकार ने इस मामले को मुख्य मुद्दों में बांटकर सुलझाने की कोशिश की है। 14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CID जांच पहले से ही चल रही है। इसके अलावा, JPSC के चेयरमैन और सदस्यों ने इस्तीफ़ा दे दिया है। सरकार ने वित्तीय पहलुओं की जांच के लिए ED को भी पत्र लिखा है। सरकार ने 14वीं JPSC PT और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने के मामले में सकारात्मक रुख अपनाया है। हालाँकि, JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर सबसे बड़ा गतिरोध बना हुआ है।
JSSC CGL रद्द करने पर सरकार ने क्या कहा?
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अनुसार, सरकार इस चरण पर JSSC CGL परीक्षा को एकतरफ़ा तौर पर रद्द नहीं कर सकती है। उनका कहना है कि यह परीक्षा उचित न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए और संबंधित मामलों पर अदालत के निर्देशों के अनुसार आयोजित की गई थी। सरकार ने छात्रों के सामने पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन इस प्रस्ताव पर भी कोई सहमति नहीं बन सकी।
Jharkhand government has reached an agreement on most of the demands of students protesting against alleged irregularities in #JPSC and #JSSC examinations.
State Minister Sudivya Kumar Sonu said the government has agreed to cancel the 14th JPSC Preliminary Examination and the… pic.twitter.com/PXBED1Y4CV
— All India Radio News (@airnewsalerts) August 9, 2026
CBI जांच और परीक्षा रद्द करने पर फंसा पेंच
बैठक में परीक्षा प्रणाली में सुधार और बदलाव से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार परीक्षा प्रक्रिया को ज़्यादा पारदर्शी और कुशल बनाने के मकसद से सुधार लागू करने पर सहमत हो गई है। हालाँकि, छात्रों की दो मुख्य माँगें अभी भी विवाद का विषय बनी हुई हैं। इनमें JSSC CGL की CBI जाँच और परीक्षा रद्द करने की माँगें शामिल हैं। छात्र अपनी इन माँगों पर अड़े हुए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि कोई भी कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार ही की जाएगी।
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10 अगस्त के विधानसभा घेराव पर टिकी नजर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने छात्रों और उनके माता-पिता से आंदोलन वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है और बातचीत के रास्ते खुले हैं। अब अहम सवाल यह है कि क्या सरकार की अपील के बाद छात्र 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को वापस लेंगे या आंदोलन को और तेज करेंगे। अगर विरोध प्रदर्शन जारी रहता है, तो रांची में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती है।
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