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MMDR Act: MMDR संशोधन के खिलाफ 20 अगस्त को JMM की अहम बैठक

झारखंड के मिनरल अधिकारों और रेवेन्यू को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच चल रहा विवाद अब एक राजनीतिक आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। संसद में 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026' के पास होने के बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसके प्रावधानों का कड़ा विरोध जताया है।

MMDR Act: MMDR संशोधन के खिलाफ 20 अगस्त को JMM की अहम बैठक
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MMDR Act: झारखंड के मिनरल अधिकारों और रेवेन्यू को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच चल रहा विवाद अब एक राजनीतिक आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। संसद में ‘माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल 2026‘ के पास होने के बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसके प्रावधानों का कड़ा विरोध जताया है। अब, सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस मुद्दे पर संगठनात्मक स्तर पर आंदोलन शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है।

MMDR Act: झारखंड में आंदोलन की तैयारी

JMM के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 20 अगस्त को रांची में JMM केंद्रीय समिति की एक विस्तारित बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में केंद्रीय समिति के सदस्य और पदाधिकारी, ज़िला अध्यक्ष और सचिव, पार्टी के विधायक और JMM कोटे के मंत्री शामिल होंगे। बैठक में केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। JMM ने कोल्हान इलाके में इस मुद्दे पर एक अभियान की तैयारी भी शुरू कर दी है। पार्टी का मकसद मिनरल राइट्स और राज्य के रेवेन्यू से जुड़े इस मामले को अपनी संगठनात्मक इकाइयों के साथ-साथ आम जनता तक भी ले जाना है।

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असल में, 13 अगस्त को MMDR संशोधन बिल पास होने के बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिल के प्रावधानों पर फिर से विचार करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर उस प्रावधान पर आपत्ति जताई है, जो खबरों के अनुसार, खनिज वाली ज़मीनों और खनिज अधिकारों पर टैक्स, सेस या अन्य लेवी लगाने के राज्यों के अधिकार को प्रभावित करता है।

खनिज अधिकार पर झारखंड में सियासी गर्मी तेज

मुख्यमंत्री ने ‘मिनरल बेयरिंग लैंड सेस’ (खनिज-युक्त भूमि उपकर) को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में झारखंड को इस स्रोत से लगभग ₹11,000 करोड़ का राजस्व मिलने का अनुमान था। राज्य सरकार का तर्क है कि राजस्व के ऐसे स्रोतों के कमजोर होने से विकास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

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मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि झारखंड राज्य के अधिकारों को लेकर चुप नहीं बैठेगा। अब सरकार संवैधानिक और कानूनी स्तर पर अपना पक्ष रखने के साथ-साथ एक राजनीतिक आंदोलन की भी तैयारी कर रही है। 17 अगस्त को हुई कैबिनेट की एक खास बैठक के बाद, मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के राजस्व और अधिकारों पर MMDR संशोधन के असर के बारे में चर्चा की गई। उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा करने के लिए विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाने की बात भी कही।

इस बीच, बीजेपी नेता इस संशोधन के समर्थन में तर्क दे रहे हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए, आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में मिनरल राइट्स (खनिज अधिकारों) का मुद्दा विवाद का एक बड़ा कारण बन सकता है।

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Bhumika

Bhumika Kumari is a Jharkhand-based journalist from Dhanbad, specializing in politics, entertainment, education, society, and current affairs. Known for her clear, accurate, and accessible writing style, she effectively bridges complex issues for the public. She also serves as a key content writer for the digital platform Mithila Top.

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